लॉस एंजिल्स। ग्लोबल सुपरस्टार प्रियंका चोपड़ा जोनस इन दिनों अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘वाराणसी’ (2027) को लेकर चर्चा में हैं, लेकिन इसी बीच उन्होंने एक पॉडकास्ट में उन कड़वे अनुभवों को साझा किया है जिसने उन्हें बॉलीवुड छोड़ने पर मजबूर कर दिया था। अमांडा हिर्श के साथ बातचीत में प्रियंका ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एक समय पर हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें ‘लिमिटेड’ महसूस कराया जाने लगा था।
बॉलीवुड की ‘गंदगी’ से किया किनारा
करियर के पीक पर भारत छोड़ने के सवाल पर प्रियंका ने गहरी बात कही। उन्होंने साझा किया कि उस दौरान बॉलीवुड में उनके कुछ रिश्ते और माहौल काफी तनावपूर्ण हो गए थे। प्रियंका ने कहा, “मुझे गंदगी में रहना पसंद नहीं है, क्योंकि अगर आप वहां रहते हैं तो आपको उसकी बदबू की आदत हो जाती है।” उन्होंने बताया कि जब हालात मुश्किल हुए, तो उन्होंने खुद को समेटा और बदलाव का रास्ता चुना। प्रियंका के मुताबिक, वह किसी भी तरह की राजनीति का हिस्सा बनने के बजाय मेहनत पर यकीन रखती हैं।
ऐश्वर्या राय और मिंडी कलिंग बनीं प्रेरणा
हॉलीवुड का रुख करने की वजह बताते हुए प्रियंका ने ऐश्वर्या राय और मिंडी कलिंग का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय वैश्विक स्तर पर भारतीय कलाकारों का प्रतिनिधित्व बहुत कम था। प्रियंका ने कहा, “मैं देखना चाहती थी कि दुनिया में और क्या संभावनाएं हैं। मुझे अमेरिका में अपनी 9वीं क्लास वाली उस लड़की जैसा महसूस होता था, जिसकी तरह वहां कोई नहीं दिखता था। मैंने सोचा कि हमें वह पहचान क्यों नहीं मिलती जिसके हम हकदार हैं?”
मेहनत ही मेरी असली ताकत
प्रियंका ने स्वीकार किया कि हॉलीवुड में रास्ता बनाना आसान नहीं था, लेकिन उन्हें अपनी कला पर भरोसा था। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा, “मैं एक मेहनती इंसान हूँ और मुझे अपना काम आता है। मुझे किसी भी फिल्ममेकर या को-एक्टर के सामने खड़ा कर दो, मैं अपनी जगह बनाना जानती हूँ।”
आज प्रियंका न केवल एक सफल हॉलीवुड अभिनेत्री हैं, बल्कि 1300 करोड़ी फिल्म ‘वाराणसी’ में महेश बाबू के साथ बड़े धमाके के लिए भी तैयार हैं।