धार। मध्य प्रदेश के धार जिले के गोंदी खेड़ा चारण गांव में हुई एक सनसनीखेज हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। इस मामले में मृतक देवकृष्ण पुरोहित की पत्नी प्रियंका और उसके प्रेमी कमलेश को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने हत्या को लूट की वारदात दिखाने का असफल प्रयास किया था, लेकिन पुलिस की वैज्ञानिक जांच के सामने साजिश का पर्दाफाश हो गया।
हत्या के लिए दी गई एक लाख की सुपारी पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि प्रियंका अपने पति के साथ रहने के लिए तैयार नहीं थी और उसने प्रेमी कमलेश के साथ मिलकर देवकृष्ण को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। कमलेश ने इस वारदात को अंजाम देने के लिए अपने साथी सुरेंद्र को एक लाख रुपये की सुपारी दी थी। घटना की रात जब देवकृष्ण सो रहा था, तब सुरेंद्र ने घर में घुसकर धारदार हथियार से उसके सिर पर वार कर हत्या कर दी।
लूट का नाटक और फर्जी कहानी वारदात के बाद मामले को भटकाने के लिए आरोपियों ने इसे लूट का रूप देने की कोशिश की। प्रियंका को बांधकर दूसरे कमरे में छोड़ दिया गया ताकि वह शोर मचाकर लोगों को इकट्ठा कर सके। ग्रामीणों के पहुंचने पर उसने रोने का नाटक किया और अज्ञात हमलावरों द्वारा लूटपाट की कहानी सुनाई। हालांकि, पुलिस को मौके पर मिले साक्ष्यों और प्रियंका के विरोधाभासी बयानों ने शुरुआती जांच में ही संदेह पैदा कर दिया था।
बाल विवाह और प्रेम प्रसंग बना कारण पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी के अनुसार, प्रियंका का विवाह मात्र 15 वर्ष की आयु में कर दिया गया था। कानूनी उम्र पूरी होने के बाद जब उसे पति के घर रहने के लिए भेजा गया, तब तक उसका प्रेम संबंध कमलेश से हो चुका था। वह अपने पति से पीछा छुड़ाना चाहती थी, जिसके चलते उसने इस अपराध को अंजाम दिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई घटना की सूचना मिलते ही साइबर टीम, डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य एकत्र किए। कड़ी पूछताछ में प्रियंका ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने घटना के 36 घंटों के भीतर मुख्य साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि फरार आरोपी सुरेंद्र की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है। आरोपियों के पास से वारदात में प्रयुक्त सामग्री की बरामदगी के प्रयास जारी हैं।