रमेश गुप्ता, भिलाई | 12 जनवरी 2026 : सड़क सुरक्षा माह 2026 के तहत आज दुर्ग यातायात पुलिस और परिवहन विभाग ने संयुक्त रूप से एक बड़े अभियान को अंजाम दिया। पुलिस ग्राउंड सेक्टर-06 भिलाई में आयोजित इस विशेष जांच शिविर में जिले के 21 शैक्षणिक संस्थानों की 230 स्कूल बसों की सघन चेकिंग की गई। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य स्कूली छात्र-छात्राओं के सफर को सुरक्षित बनाना और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करवाना है।
दस्तावेजों से लेकर मैकेनिकल फिटनेस तक की जांच
जांच प्रक्रिया काफी विस्तृत रही। सबसे पहले वाहनों का रजिस्ट्रेशन किया गया, जिसके बाद परिवहन विभाग ने बसों के कागजात जैसे– परमिट, फिटनेस, बीमा, पीयूसी (PUC), रोड टैक्स और चालक के लाइसेंस की बारीकी से जांच की। इसके बाद मैकेनिकल टीम ने बसों के तकनीकी पक्षों को परखा, जिसमें शामिल थे:

हेड लाइट, ब्रेक लाइट, पार्किंग और इंडिकेटर लाइट की स्थिति।
स्टीयरिंग, टायर, क्लच, एक्सीलेटर और सीट की कंडीशन।
हॉर्न, वाइपर और वाहन के आगे-पीछे रिफ्लेक्टर की मौजूदगी।
सुप्रीम कोर्ट के मापदंडों पर पैनी नजर
चेकिंग के दौरान सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों को विशेष प्राथमिकता दी गई। टीम ने जांचा कि बसों में GPS, सीसीटीवी कैमरा, स्पीड गवर्नर, आपातकालीन खिड़की, फर्स्ट एड बॉक्स और अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguisher) सही स्थिति में हैं या नहीं। साथ ही, बस पर स्कूल का नाम, टेलीफोन नंबर और चालक का मोबाइल नंबर स्पष्ट लिखा होना अनिवार्य किया गया।
65 बसों पर कार्रवाई और स्वास्थ्य परीक्षण
जांच में नियमों की अनदेखी करने वाली 65 स्कूली बसों पर चालान काटा गया और कुल 50,900 रुपये का समन शुल्क वसूला गया। वाहनों की जांच के साथ-साथ चालकों और परिचालकों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया। आँखों की जांच के दौरान 26 चालकों में दृष्टि संबंधी समस्या पाई गई, जिन्हें तत्काल चश्मा लगाने या चश्मे का नंबर बढ़वाने की सख्त हिदायत दी गई।
प्रशासन की चेतावनी: जो बसें आज शिविर में जांच के लिए नहीं पहुंची हैं, उन्हें सड़क पर चलते समय रोककर चेक किया जाएगा और कमी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।