Chhattisgarh Vidhan Sabha : रायपुर। छत्तीसगढ़ की सियासी गलियारों में आज एक बार फिर सरगर्मी बढ़ने वाली है। होली के रंगों और अवकाश के खुमार के बाद आज, 9 मार्च से छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू हो रही है। इस सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत ही काफी हंगामेदार होने के आसार हैं, क्योंकि विपक्ष के पास सरकार को घेरने के लिए ‘अफीम की खेती’ जैसा एक बेहद संवेदनशील और ज्वलंत मुद्दा हाथ लग गया है।
अफीम की खेती पर ‘जंग’ के आसार दुर्ग जिले में एक भाजपा नेता के खेत में कथित तौर पर अफीम की खेती पकड़े जाने का मामला आज सदन की कार्यवाही के केंद्र में रहने वाला है। विपक्षी दल कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर आक्रामक तेवर अपनाए हुए है। संभावना जताई जा रही है कि सदन की शुरुआत होते ही विपक्ष इस मामले पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव ला सकता है। कांग्रेस विधायकों का कहना है कि सत्ता पक्ष से जुड़े व्यक्ति के खेत में ऐसी अवैध गतिविधियों का होना कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान है।
अनुदान मांगों पर होगी चर्चा आज की कार्यसूची के अनुसार, सदन में विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा की शुरुआत होगी। विशेष रूप से उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा के विभागों से जुड़ी मांगों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके अलावा, मंत्री दयालदास बघेल और मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विभागों को लेकर भी सदन में चर्चा होनी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, केदार कश्यप और रामविचार नेताम जैसे वरिष्ठ मंत्री आज सदन के पटल पर विभिन्न महत्वपूर्ण शासकीय प्रतिवेदन और पत्र रखेंगे।
ध्यानाकर्षण और अन्य विधायी कार्य विधायी कार्यों की बात करें तो आज सदन में दो प्रमुख ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लगाए गए हैं। इन्हें विधायक भावना बोहरा और ब्यास कश्यप द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। वहीं, सभापति गोमती साय विभिन्न समितियों के प्रतिवेदनों की प्रस्तुति करेंगी।
सियासी तापमान बढ़ना तय होली के बाद सदन की पहली बैठक होने के कारण उम्मीद की जा रही थी कि माहौल शांत रहेगा, लेकिन अफीम के मुद्दे ने विपक्ष को संजीवनी दे दी है। सदन के भीतर और बाहर दोनों जगह आज गहमागहमी देखने को मिल सकती है। क्या सरकार विपक्ष के तीखे सवालों का संतोषजनक जवाब दे पाएगी, यह देखना दिलचस्प होगा।