जल जीवन मिशन से छत्तीसगढ़ में ऐतिहासिक बदलाव, 32 लाख से अधिक घरों तक पहुंचा नल से शुद्ध पेयजल: डिप्टी सीएम अरुण साव

छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के प्रभावी, पारदर्शी और तेज़ क्रियान्वयन से ग्रामीण पेयजल व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार देखने को मिला है। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने नवा रायपुर अटल नगर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि राज्य में अब तक 32 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है।

डिप्टी सीएम साव ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रदेश में 40 लाख 87 हजार 27 घरेलू नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। मिशन से पहले राज्य में केवल 3 लाख 19 हजार 741 नल कनेक्शन थे, जबकि वर्तमान सरकार के दो वर्षों के कार्यकाल में इसमें अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है।


‘हर घर जल’ राज्य बनाने की दिशा में तेज़ी

उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सुरक्षित, शुद्ध और सतत पेयजल उपलब्ध कराना है तथा छत्तीसगढ़ को शीघ्र ही ‘हर घर जल’ राज्य के रूप में स्थापित करना है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में 6,572 ग्रामों में शत-प्रतिशत घरेलू नल कनेक्शन पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 5,564 ग्रामों को ‘हर घर जल ग्राम’ घोषित किया गया है। इनमें से 4,544 ग्रामों का विधिवत प्रमाणीकरण हो चुका है। बीते दो वर्षों में सर्टिफाइड हर घर जल ग्रामों की संख्या में 750 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अलावा 5,088 ग्राम पंचायतों को जलापूर्ति व्यवस्थाओं का हस्तांतरण किया जा चुका है।


जल गुणवत्ता और निगरानी पर विशेष फोकस

डिप्टी सीएम साव ने बताया कि जल जीवन मिशन से पहले ग्रामीण क्षेत्रों में 3,08,287 हैंडपंप, 4,440 नलजल योजनाएं और 2,132 स्थल जल प्रदाय योजनाएं संचालित थीं। वर्तमान में 70 समूह जल प्रदाय योजनाएं प्रगतिरत हैं, जिनसे 3,208 ग्रामों को लाभ मिल रहा है और इनके माध्यम से 9 लाख 85 हजार से अधिक नल कनेक्शन जोड़े जा चुके हैं।

जल गुणवत्ता को लेकर उन्होंने कहा कि राज्य में 77 जल परीक्षण प्रयोगशालाएं संचालित हैं, जिनमें से 47 प्रयोगशालाएं एनएबीएल मान्यता प्राप्त हैं। आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-0008 भी प्रभावी रूप से कार्य कर रहा है।


लापरवाही पर सख्त कार्रवाई

उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मिशन के तहत गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा रहा है। बीते दो वर्षों में दोषपूर्ण कार्यों के कारण 28 करोड़ 38 लाख रुपये से अधिक का अर्थदंड, 629 अनुबंधों का निरस्तीकरण और 11 फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया गया है। दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों पर विभागीय व कानूनी कार्रवाई भी की गई है।


आगामी कार्ययोजना और मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण

साव ने बताया कि शेष लगभग 8 लाख घरेलू नल कनेक्शन, 21 हजार से अधिक अधूरी योजनाओं को पूर्ण करना, 24 हजार से अधिक योजनाओं का पंचायतों को हस्तांतरण और सभी समूह जल प्रदाय योजनाओं को समय-सीमा में पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है।

मानव संसाधन को सुदृढ़ करने के लिए बीते दो वर्षों में विभाग में 403 नए पदों का सृजन, 213 नियुक्तियां, 103 पदोन्नतियां तथा 877 कर्मचारियों को समयमान-वेतनमान का लाभ दिया गया है।

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