भोपाल। झीलों की नगरी भोपाल अपनी आधुनिक इंजीनियरिंग के अजीबोगरीब नमूनों के कारण चर्चा में है। करोंद क्षेत्र की विनायक कॉलोनी में सड़क के बीचों-बीच खड़ा एक हाईटेंशन बिजली का टावर इन दिनों स्थानीय निवासियों और राहगीरों के लिए बड़ी मुसीबत बना हुआ है। बिजली विभाग और नगर निगम की इस लापरवाही के कारण न केवल यातायात बाधित हो रहा है, बल्कि क्षेत्र में करंट फैलने का गंभीर खतरा भी बना रहता है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह टावर सालों पहले स्थापित किया गया था, लेकिन क्षेत्र के विकास के साथ नगर निगम ने टावर को हटाए बिना ही उसके नीचे से पक्की सड़क का निर्माण कर दिया। अब स्थिति यह है कि सड़क के बीच टावर होने की वजह से वहां से एंबुलेंस, दमकल और अन्य भारी वाहनों का निकलना नामुमकिन हो गया है। रात के समय अनजान वाहन चालकों के लिए यह टावर जानलेवा साबित हो सकता है।
सोशल मीडिया पर इस टावर की तस्वीरें वायरल होने के बाद शहर के अन्य हिस्सों से लोग इसे देखने पहुंच रहे हैं और विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बरोलिया ने भी मौके पर पहुंचकर सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि भोपाल अजूबों का शहर बन गया है और यह टावर प्रशासनिक लापरवाही का जीता-जागता प्रमाण है। उन्होंने बिजली विभाग से इस टावर को तत्काल दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग की है।
बिजली विभाग के सूत्रों का कहना है कि क्षेत्र में घनी आबादी होने के कारण टावर शिफ्टिंग में तकनीकी अड़चनें आ रही हैं। हालांकि, बड़ा सवाल नगर निगम पर भी खड़ा हो रहा है कि टावर की मौजूदगी के बावजूद सड़क निर्माण की अनुमति कैसे दी गई। फिलहाल यह टावर स्थानीय लोगों के लिए एक बड़े हादसे का सबब बना हुआ है।