बिलासपुर। कोरिया जिले में सहायक संचालक उद्यान के पद पर पदस्थ विनय कुमार त्रिपाठी का 30 जून 2025 को कबीरधाम जिले में स्थानांतरण किया गया था, लेकिन संचालक उद्यान विभाग और कोरिया कलेक्टर द्वारा उन्हें करीब छह माह तक रिलीव नहीं किया गया। इससे नाराज होकर उन्होंने हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को तत्काल स्थानांतरित स्थान के लिए रिलीव करने का आदेश दिया है।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय और वर्षा शर्मा ने दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के पूर्व निर्णयों के अनुसार यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी का स्थानांतरण आदेश निरस्त या संशोधित नहीं किया गया है, तो वह स्थानांतरित स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने का अधिकार रखता है। इस संबंध में हाईकोर्ट के मिस मनीषा अग्रवाल बनाम छत्तीसगढ़ शासन प्रकरण का भी हवाला दिया गया।
सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता ने भी स्वीकार किया कि याचिकाकर्ता के विरुद्ध जारी स्थानांतरण आदेश अब तक निरस्त या संशोधित नहीं किया गया है।
इन तथ्यों और पूर्व न्यायिक निर्णयों के आधार पर हाईकोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए सहायक संचालक विनय कुमार त्रिपाठी को तत्काल कबीरधाम जिले के लिए रिलीव करने का निर्देश दिया।