बिलासपुर
बिलासपुर हाईकोर्ट ने हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के आगामी चुनाव पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि चूंकि चुनाव प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है, इसलिए इस स्तर पर हस्तक्षेप करना उचित नहीं होगा। कोर्ट ने चुनाव से जुड़े विवादों का समाधान सही समय और सही मंच पर करने के निर्देश दिए हैं।
यह मामला जस्टिस एनके चंद्रवंशी की कोर्ट में सुनवाई के लिए आया था। याचिकाकर्ता एडवोकेट निरूपमा वाजपेयी ने प्रशासक समिति द्वारा जारी चुनाव अधिसूचना को चुनौती दी थी। याचिका में तर्क दिया गया था कि कार्यकारिणी के पदों की संख्या 15 से बढ़ाकर महिला आरक्षण लागू करना गलत है। याचिकाकर्ता के अनुसार, प्रशासक को पदों की संख्या में वृद्धि करने का अधिकार नहीं है और इसके लिए सामान्य सभा की अनुमति अनिवार्य है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि बार एसोसिएशन का कार्यकाल समाप्त होने के बाद हाईकोर्ट और राज्य अधिवक्ता परिषद ने प्रशासक नियुक्त किया है। प्रशासक ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और संबंधित निकायों से मार्गदर्शन लेकर ही चुनाव प्रक्रिया प्रारंभ की है।
अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि चुनाव के लिए मतदान की तारीख तय हो चुकी है और नामांकन पत्रों की जांच भी पूरी कर ली गई है। प्रक्रिया अंतिम चरण में होने के कारण हाईकोर्ट ने चुनाव पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। उल्लेखनीय है कि 12 फरवरी को होने वाले इस चुनाव में अध्यक्ष सहित 17 पदों के लिए कुल 61 प्रत्याशी मैदान में हैं।