नई दिल्ली, 27 मार्च 2026
वैश्विक राजनीतिक उथल-पुथल और अमेरिका-इजराइल के ईरान के साथ जारी तनाव के बीच भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को 24 कैरेट सोने की कीमत में 3,263 रुपये की कमी दर्ज की गई, जिससे अब 10 ग्राम सोने का भाव 1.43 लाख रुपये पर आ गया है। इससे पूर्व बुधवार को यह दर 1.46 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम थी।
चांदी की कीमतों में भी भारी गिरावट देखी गई है। एक किलो चांदी का भाव 13,167 रुपये घटकर 2.22 लाख रुपये के स्तर पर पहुंच गया है, जबकि 25 मार्च को इसकी कीमत 2.35 लाख रुपये प्रति किलो दर्ज की गई थी। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और मौजूदा संघर्ष के प्रभाव के चलते पिछले 28 दिनों के भीतर सोना 16,155 रुपये और चांदी 45,053 रुपये तक सस्ती हुई है।
कीमतों में बदलाव का विश्लेषण
सोने की कीमतों में इस वर्ष की शुरुआत में तीव्र बढ़ोत्तरी देखी गई थी, परंतु हालिया हफ्तों में मुनाफावसूली और वैश्विक तनाव के कारण कीमतों में सुधार आया है। 31 दिसंबर 2025 को सोना 1.33 लाख रुपये के स्तर पर था, जो 29 जनवरी 2026 को अपने उच्चतम स्तर 1.76 लाख रुपये पर पहुंच गया था। वर्तमान में सोना अपने सर्वकालिक उच्च स्तर से लगभग 33 हजार रुपये सस्ता हो चुका है। वहीं चांदी में सोने की तुलना में अधिक उतार-चढ़ाव देखा गया है, जो अपने उच्चतम स्तर 3.86 लाख रुपये से गिरकर 2.22 लाख रुपये तक आ गई है।
विभिन्न शहरों में कीमतों के अंतर के मुख्य कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, देश के अलग-अलग शहरों में सोने के दाम भिन्न होने के चार प्रमुख तकनीकी कारण होते हैं। पहला कारण परिवहन और सुरक्षा व्यय है, जिसमें आयात केंद्रों से दूरी बढ़ने पर ईंधन और सुरक्षा खर्च का सीधा प्रभाव स्थानीय कीमतों पर पड़ता है। दूसरा कारण क्षेत्रीय मांग और खरीदारी की मात्रा है; उदाहरण के तौर पर दक्षिण भारत में उच्च खपत के कारण थोक खरीदारी पर मिलने वाली छूट का लाभ ग्राहकों को कम कीमतों के रूप में मिलता है।
तीसरा महत्वपूर्ण कारण स्थानीय ज्वेलरी एसोसिएशनों की भूमिका है, जो क्षेत्रीय मांग और आपूर्ति के आधार पर प्रतिदिन की दरें निर्धारित करते हैं। अंत में, ज्वेलर्स के पास उपलब्ध पुराना स्टॉक और उनका खरीद मूल्य भी स्थानीय स्तर पर कीमतों के निर्धारण में बड़ी भूमिका निभाता है। जिन विक्रेताओं के पास कम दरों पर खरीदा गया स्टॉक होता है, वे ग्राहकों को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ प्रदान करने में सक्षम होते हैं। वर्तमान गिरावट को देखते हुए बाजार विश्लेषक निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।
