सिंगरौली, 17 जनवरी 2026
मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के अंतिम छोर पर छत्तीसगढ़ सीमा से सटे ग्राम बरहपान से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां 11 वर्षीय नाबालिग बालिका दिलकुमारी बैगा, जो जन्म से दोनों पैरों से दिव्यांग है और कक्षा तीन की छात्रा है, जंगल से लकड़ी का गट्ठा घसीटते हुए घर जाती दिखी। इस दृश्य का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
दिलकुमारी उर्मिला बैगा की पुत्री है और वर्तमान में अपने नाना रामब्रिज बैगा तथा नानी सोनमती बैगा के साथ रहती है। बैगा जनजाति को राष्ट्रपति का दत्तक पुत्र समुदाय कहा जाता है, लेकिन यह परिवार कई सरकारी योजनाओं के लाभ से अब तक वंचित रहा है। बालिका के नाना रामब्रिज बैगा ने बताया कि उन्होंने ग्राम पंचायत बरहपान के सरपंच और सचिव से कई बार ट्राई-साइकिल उपलब्ध कराने की मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मजबूरी में बच्ची रोजमर्रा की जरूरतों के लिए जंगल से लकड़ी लाने को विवश है।
वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। यह घटना प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है और सवाल उठाती है कि सरकारी योजनाएं कागजों से निकलकर जरूरतमंदों तक कब पहुंचेंगी।