कोरिया बैकुंठपुर। आमजन तक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संदेश प्रभावी ढंग से पहुंचाने के उद्देश्य से फरवरी माह में कोरिया जिले के पटना स्थित छिदिया चौक में एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम (फोक मिड-मीडिया एक्टिविटीज) का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य, बच्चों में हृदय रोग, बाल मधुमेह (टाइप-1 डायबिटीज) तथा सिकल सेल रोग जैसे गंभीर विषयों पर समुदाय में व्यापक जागरूकता बढ़ाना था।
यह आयोजन स्वास्थ्य विभाग, UNICEF छत्तीसगढ़ एवं MCCSR (एमसीसीआर) के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में यूनिसेफ के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गजेंद्र सिंह, एमसीसीआर से परियोजना निर्देशक डी. श्याम कुमार, डॉ. श्वेताभ त्रिपाठी, सुरभि शुक्ला एवं उनकी टीम विशेष रूप से उपस्थित रही। विशेषज्ञों ने बताया कि वर्तमान समय में बदलती जीवनशैली, तनाव और जागरूकता की कमी के कारण मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। वहीं बच्चों में हृदय रोग, टाइप-1 डायबिटीज और सिकल सेल जैसी बीमारियां भी गंभीर चिंता का विषय हैं, जिनकी समय पर पहचान और उपचार अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोक कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में लोकगीत, संगीत और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी संदेशों को सरल, रोचक और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। लोकमाध्यम के जरिए जटिल विषयों को आम भाषा में समझाया गया, जिससे हर आयु वर्ग के लोग आसानी से जुड़ सके। मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, बच्चों में असामान्य लक्षणों की पहचान, नियमित जांच की आवश्यकता और संतुलित आहार व जीवनशैली के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का आयोजन बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थल पर किए जाने से बड़ी संख्या में यात्री और स्थानीय नागरिक स्वतः ही कार्यक्रम से जुड़ते गए। लोगों ने रुचि लेकर प्रस्तुतियों को देखा और स्वास्थ्य विशेषज्ञों से सीधे संवाद भी किया। इस दौरान जागरूकता संबंधी पोस्टर और सूचना सामग्री का वितरण किया गया, ताकि उपस्थित लोग इन महत्वपूर्ण जानकारियों को अपने परिवार और समुदाय तक पहुंचा सकें।
आयोजकों का कहना है कि सांस्कृतिक माध्यम से दी गई जानकारी समाज पर गहरा प्रभाव छोड़ती है, क्योंकि यह लोगों के भावनात्मक और सामाजिक पक्ष को सीधे स्पर्श करती है। फोक मीडिया गतिविधियां न केवल संदेश को मनोरंजक बनाती हैं, बल्कि उसे स्मरणीय भी बनाती हैं। इसी उद्देश्य से इस अभियान का द्वितीय चरण 25 तारीख को विकासखंड पटना और सोनहत में आयोजित किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक ग्रामीण और शहरी आबादी तक स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता पहुंचाई जा सके।
स्वास्थ्य विभाग और सहयोगी संस्थाओं का यह प्रयास जनसामान्य में स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक व्यवहार विकसित करने की दिशा में एक सार्थक पहल माना जा रहा है। स्थानीय नागरिकों ने भी इस प्रकार के कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि समाज में जागरूकता और सतर्कता का स्तर निरंतर बढ़ता रहे।