Happy Navratri माँ कात्यायनी : प्रतीकात्मक व संदेशप्रद है माँ दुर्गा द्वारा रक्तबीज असुर का नाश

Happy Navratri

Happy Navratri  || नवरात्र का षष्ठम दिवस की मंगल बधाई ||

चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना।
कात्यायनी शुभं दद्याद्देवी दानवघातिनी।।

 

Happy Navratri  माँ दुर्गा की षष्ठम स्वरूप, महिषासुरमर्दिनि माँ कात्यायनी से प्रार्थना है कि वे अपने भक्तों पर अपनी असीम कृपा दृष्टि बनाए रखें।

माँ दुर्गा द्वारा अपने भक्तों के व लोकमंगल के लिए विभिन्न चरित्र किए जाते हैं। माँ की प्रत्येक लीला मानव जीवन को कुछ विशेष संदेश प्रदान करती हुई अपने भक्तों के कल्याण के लिए ही होती हैं। ऐसे ही माँ दुर्गा द्वारा रक्तबीज असुर का जिस तरह से नाश किया जाता है, वह बड़ा ही प्रतीकात्मक व संदेशप्रद है।

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यह रक्तबीज कुछ और नहीं हमारी कामनाएँ ही हैं जो एक के बाद एक जन्म लेती रहती हैं। एक इच्छा पूर्ण हुई कि दूसरी और तीसरी अपने आप जन्म ले लेती हैं। हम निरंतर इनसे संघर्ष भी करते रहते हैं लेकिन निराशा ही हाथ लगती है क्योंकि हमारे अधिकतर प्रयास इच्छापूर्ति की दिशा में होते हैं, इच्छा दमन की दिशा में नहीं।

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Happy Navratri  रक्तबीज तब तक नहीं मरता जब तक उसके रक्त की एक भी बूँद शेष रहती है। ऐसे ही हमें भी हमारी अकारण की इच्छाओं और कामनाओं को पी जाना होगा जो व्यर्थ में दुःखी और व्यथित करती रहती हैं। कामनाओं को पी जाना अर्थात उन्हें विवेकपूर्ण नियंत्रित करना है। नवरात्र के छठवें दिवस में माँ कात्यायनी का पूजन किया जाता है।

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