देशभर में आज संकटमोचन भगवान हनुमान का जन्मोत्सव पूरी आस्था और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि पर अंजनी पुत्र के प्राकट्य का यह उत्सव इस बार कई मायनों में खास है। उदया तिथि की गणना के अनुसार, आज 2 अप्रैल को हनुमान जयंती मनाई जा रही है। इस विशेष दिन पर ग्रहों और नक्षत्रों का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिसमें हस्त नक्षत्र के साथ ध्रुव योग की युति हो रही है। मान्यता है कि इस शुभ योग में की गई पूजा से साधक को बल, बुद्धि और विद्या का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन के बड़े से बड़े संकट टल जाते हैं।
शुभ मुहूर्त और विशेष योग ज्योतिषीय गणना के अनुसार, चैत्र पूर्णिमा तिथि का समापन आज सुबह 7:41 बजे हो चुका है, लेकिन उदया तिथि के प्रभाव से पूरे दिन जन्मोत्सव का महत्व बना रहेगा। आज दोपहर 2:20 बजे तक ध्रुव योग रहेगा, जो किसी भी नए कार्य की शुरुआत और धार्मिक अनुष्ठान के लिए अत्यंत मंगलकारी है। शाम तक हस्त नक्षत्र का प्रभाव रहने से हनुमान जी की साधना और भी फलदायी हो गई है। पूजा के लिए दोपहर 12:00 बजे से 12:50 बजे तक का अभिजीत मुहूर्त और शाम 6:39 बजे से रात 8:06 बजे तक का समय सबसे उत्तम माना जा रहा है।
हनुमान जयंती का महत्व हिंदू धर्म में हनुमान जी को कलियुग का जाग्रत देवता माना जाता है। उन्हें अष्ट सिद्धि और नौ निधियों के दाता के रूप में पूजा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, आज ही के दिन भगवान शिव के 11वें रुद्रावतार ने माता अंजनी और केसरी के घर जन्म लिया था। भक्तों का विश्वास है कि आज के दिन हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ करने से शनि दोष और मंगल दोष से मुक्ति मिलती है और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है।
संपूर्ण पूजा विधि आज के दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान के बाद लाल या पीले वस्त्र धारण करने चाहिए। हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर के सामने घी का दीपक जलाकर व्रत का संकल्प लें। सबसे पहले श्री राम और माता सीता का ध्यान करें, क्योंकि राम जी की स्तुति के बिना हनुमान जी की पूजा अधूरी मानी जाती है। इसके बाद हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें। लाल फूल, अक्षत और धूप दिखाकर उनकी आरती करें। पूजा के दौरान ‘ॐ हनुमते नमः’ मंत्र का जाप करना अत्यंत लाभकारी होता है।
प्रिय भोग और महाउपाय बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए आज विशेष रूप से बूंदी के लड्डू, बेसन के लड्डू या रोट का भोग लगाना चाहिए। उन्हें लाल फल जैसे अनार या सेब अर्पित करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा, तुलसी दल का भोग लगाना अनिवार्य है क्योंकि तुलसी हनुमान जी को अत्यंत प्रिय है। यदि आप किसी बड़ी बाधा से परेशान हैं, तो आज के दिन पीपल के 11 पत्तों पर चंदन से ‘श्री राम’ लिखकर उसकी माला हनुमान जी को पहनाएं। इस महाउपाय से आर्थिक कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।