छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां महंगी गाड़ी खरीदने के लालच में नाबालिग लड़कों ने अपने ही दोस्त को चोरी के लिए उकसाया। पुलिस ने इस मामले में दो नाबालिगों, एक महिला खरीदार समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, भारतीय सेना से रिटायर्ड जवान सुशील कुमार शर्मा ने 14 मार्च को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके घर से सोने के जेवर गायब हो रहे हैं। जांच में सामने आया कि इस चोरी के पीछे उनके नाबालिग बेटे के ही कुछ दोस्त शामिल थे।
नकली जेवर दिखाकर बनाया शिकार
आरोपियों ने पहले बच्चे को नकली सोना दिखाकर विश्वास में लिया और उसे असली सोना घर से लाने के लिए प्रेरित किया। धीरे-धीरे उसने करीब 15 तोला सोना घर से निकालकर दोस्तों को दे दिया। जब उसने आगे चोरी करने से मना किया, तो आरोपियों ने उसे डराना-धमकाना शुरू कर दिया।
थार खरीदने की थी योजना
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि सभी दोस्तों ने मिलकर महंगी थार गाड़ी खरीदने की योजना बनाई थी। इसके लिए उन्होंने अपने-अपने घरों से सोना चोरी करने का प्लान बनाया। हालांकि, चोरी के सोने को बेचने के बाद भी पर्याप्त पैसे नहीं जुट पाए और आरोपियों ने जो रकम मिली, उसे खर्च कर दिया।
जनवरी से मार्च के बीच बेचा गया सोना
जांच में सामने आया कि जनवरी से मार्च के बीच करीब 15 तोला सोना अलग-अलग लोगों को बेचा गया। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और चोरी का पूरा सोना बरामद कर लिया।
महिला खरीदार भी गिरफ्तार
मामले में यह भी सामने आया कि एक महिला, खुशबू अग्रवाल, ने नाबालिगों से कम कीमत पर करीब 5 तोला से अधिक सोना खरीदा था। कुछ जेवर गिरवी रखकर भी पैसे जुटाए गए थे। पुलिस ने महिला खरीदार को भी गिरफ्तार कर लिया है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।