नई दिल्ली: इंटरनेट की दुनिया को सुरक्षित बनाने के लिए भारत सरकार ने सोशल मीडिया दिग्गजों पर शिकंजा कस दिया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स (X) जैसे प्लेटफॉर्म्स के लिए नए और सख्त नियम लागू कर दिए हैं। अब डीपफेक और भ्रामक जानकारियों का खेल खत्म करने के लिए ‘डेडलाइन’ तय कर दी गई है।AI कंटेंट की अब होगी ‘पहचान’आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनी फोटो, वीडियो या ऑडियो को अब छुपाया नहीं जा सकेगा।

नए नियमों के मुताबिक:अनिवार्य लेबलिंग: प्लेटफॉर्म्स को स्पष्ट रूप से बताना होगा कि कंटेंट AI द्वारा बनाया गया है।मेटाडेटा ट्रेसिंग: हर AI पोस्ट में ऐसा मेटाडेटा जोड़ना होगा जिससे उसकी असलियत का पता लगाया जा सके।भ्रम पर लगाम: यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि यूज़र्स असली और बनावटी कंटेंट के बीच फर्क समझ सकें।3 घंटे का ‘अल्टीमेटम’सरकार ने अवैध और आपत्तिजनक कंटेंट को हटाने के लिए समय सीमा को बेहद कम कर दिया है। अब किसी कोर्ट या सरकारी एजेंसी का आदेश मिलने के मात्र 3 घंटे के भीतर संबंधित प्लेटफॉर्म को वह कंटेंट हटाना होगा। यह नियम खासतौर पर डीपफेक और समाज में तनाव फैलाने वाली भ्रामक सूचनाओं पर लगाम कसने के लिए है।डीपफेक और अश्लीलता पर ‘जीरो टॉलरेंस’मंत्रालय ने साफ निर्देश दिया है कि बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट और बिना सहमति के शेयर किए गए निजी फोटो-वीडियो पर सख्त कार्रवाई होगी। प्लेटफॉर्म्स को ऐसी तकनीक अपनानी होगी जो पहचान के दुरुपयोग (Identity Theft) को रोक सके। नियमों का उल्लंघन करने वाले यूज़र्स और प्लेटफॉर्म्स, दोनों पर कानूनी गाज गिर सकती है।इस खबर के लिए ‘Quick Tool’5 छोटे और सटीक हेडर:AI पोस्ट पर अब ‘लेबल’ जरूरी, सरकार ने कड़े किए नियमसोशल मीडिया पर सख्ती: 3 घंटे में हटेगा फेक कंटेंटडीपफेक पर वार: फेसबुक-इंस्टाग्राम को माननी होगी डेडलाइनसरकार का आदेश: AI वीडियो है तो बताना होगा ‘बनावटी’सावधान! फेक न्यूज फैलाई तो 3 घंटे में होगी कार्रवाई