रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं कार्यक्षमता में सुधार के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। अब राज्य के कर्मचारी विपश्यना ध्यान शिविर में शामिल होने के लिए विशेष आकस्मिक अवकाश का लाभ उठा सकेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है।
जारी आदेश के अनुसार, मान्यता प्राप्त केंद्रों द्वारा आयोजित 10 दिवसीय आवासीय विपश्यना शिविर में भाग लेने पर यह सुविधा प्रदान की जाएगी। कर्मचारी अपने पूरे सेवाकाल के दौरान अधिकतम 6 बार इस अवकाश का लाभ ले सकते हैं। शिविर और यात्रा के समय को मिलाकर एक बार में अधिकतम 12 दिनों की छुट्टी मान्य होगी। शासन ने स्पष्ट किया है कि इस अवधि को ड्यूटी पर माना जाएगा और कर्मचारियों को पूरा वेतन मिलेगा। हालांकि, शिविर में जाने के लिए यात्रा भत्ता या अन्य खर्चों का भुगतान सरकार द्वारा नहीं किया जाएगा।
आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि अवकाश के आवेदन के साथ संबंधित केंद्र का प्रवेश पत्र जमा करना अनिवार्य होगा। शिविर समाप्त होने के बाद कर्मचारियों को वहां से प्राप्त प्रमाण पत्र भी अपने कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा। यदि प्रमाण पत्र जमा नहीं किया जाता है, तो उस अवधि को कर्मचारी के अन्य अवकाशों में समायोजित कर दिया जाएगा। विभाग के सक्षम अधिकारी प्रशासनिक कार्यों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए इस अवकाश की स्वीकृति देंगे। सरकार के इस कदम का उद्देश्य कर्मचारियों के मानसिक तनाव को कम करना और कार्य के प्रति उनमें सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना है।
