नई दिल्ली। तकनीकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी गूगल ने एंड्रॉइड इकोसिस्टम को सुरक्षित बनाने के लिए अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। कंपनी ने प्ले स्टोर की नीतियों का उल्लंघन करने वाले लगभग 17.5 लाख फर्जी ऐप्स को हटा दिया है। गूगल का यह सख्त कदम मुख्य रूप से उन ऐप्स के खिलाफ है जो यूजर्स की प्राइवेसी और सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए थे।
गूगल ने अपने आधिकारिक ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से जानकारी दी कि ये ऐप्स प्राइवेसी पॉलिसी का उल्लंघन कर रहे थे। इसके साथ ही कंपनी ने धोखाधड़ी और बार-बार नियम तोड़ने में संलिप्त 80 हजार डेवलपर्स के अकाउंट भी स्थायी रूप से बंद कर दिए हैं। गूगल के अनुसार, बैन किए गए इन हानिकारक ऐप्स में मेलवेयर पाए गए थे, जो वित्तीय धोखाधड़ी, छिपे हुए सब्सक्रिप्शन और डेटा चोरी का जरिया बन सकते थे।
सुरक्षा के लिए एआई टूल का उपयोग
कंपनी ने बताया कि इन ऐप्स को यूजर्स तक पहुंचने से पहले ही ब्लॉक करने में गूगल प्ले प्रोटेक्शन के एआई डिटेक्शन टूल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एआई आधारित इस उन्नत सुरक्षा तंत्र के जरिए 2,55,000 ऐसे ऐप्स को पहचाना गया जो यूजर्स का संवेदनशील डेटा चोरी करने की कोशिश कर रहे थे। गूगल ने दावा किया कि उसका एआई पावर्ड सिस्टम अब ऐप के निर्माण के शुरुआती चरण में ही उसका विश्लेषण कर लेता है, जिससे मेलवेयर और स्पाइवेयर की पहचान आसान हो गई है।
स्पैम रेटिंग और रिव्यू पर भी कार्रवाई
सिर्फ ऐप्स ही नहीं, बल्कि गूगल ने अपने एंटी-स्पैम सिस्टम को भी अपग्रेड किया है। इसके तहत 16 करोड़ (160 मिलियन) से अधिक फर्जी रेटिंग और रिव्यू को ब्लॉक किया गया है। यह कार्रवाई यूजर्स और डेवलपर्स को भ्रामक जानकारी से बचाने के लिए की गई है। गूगल ने स्पष्ट किया है कि 2025 में एंड्रॉइड प्लेटफॉर्म को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए प्राइवेसी पॉलिसी को और अधिक सख्त किया गया है और लगातार निगरानी जारी रहेगी।