मध्यप्रदेश के खंडवा में सरकारी सीनियर महाविद्यालय जनजातीय कन्या छात्रावास की छात्राओं ने गंभीर शिकायतें सामने रखीं। छात्राओं का आरोप है कि उन्हें लंबे समय से सड़ा-गला भोजन और गंदा पानी दिया जा रहा है, और शिकायत करने पर वार्डन द्वारा उन्हें परेशान किया जाता है।

छात्राओं ने बताया कि आलू की सब्जी में इल्ली मिली, और लगभग पांच छात्राओं की थालियों में यह पाया गया। इस घटना के बाद कई छात्राएं बीमार हो गईं और उल्टियां शुरू हो गईं। छात्राओं का आरोप है कि इलाज के लिए अस्पताल ले जाने के बाद भी वार्डन ने उन्हें आधे घंटे में वापस हॉस्टल ले जाकर जोर-जबरदस्ती छोड़ दिया, यह कहते हुए कि हॉस्टल का नाम खराब हो जाएगा।
कलेक्टर कार्यालय में शिकायत और झूठे आरोप
छात्राओं ने कलेक्टर कार्यालय में शिकायत की, लेकिन उनका कहना है कि उन्हें रोकने की कोशिश की गई और उनके खिलाफ झूठी खबरें फैलाईं गईं। आरोप है कि यह अफवाह फैलाई गई कि छात्राएं “कैफे जाने की जिद” कर रही थीं, जिससे उनके माता-पिता और गांव में उनकी छवि प्रभावित हो रही है।
प्रशासन ने की जांच समिति गठित
खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि खाने की गुणवत्ता और वार्डन के रवैये की शिकायत मिली है। इस मामले की जांच के लिए अपर कलेक्टर के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल बनाया गया है। जांच टीम छात्रावास जाकर छात्राओं और संबंधित लोगों से जानकारी लेगी।
इसके अलावा ट्राइबल विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं कि तीन साल से अधिक समय से कार्यरत अधीक्षिका को बदलने की प्रक्रिया की जाए। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ छात्राएं, जो कॉलेज से पासआउट हो चुकी हैं, अवैध रूप से हॉस्टल में रह रही हैं।