कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले से डायलिसिस के दौरान एक आदिवासी युवती की मौत का गंभीर मामला सामने आया है। इलाज के दौरान मशीन बंद किए जाने के बाद युवती की हालत बिगड़ गई और उसे सांस लेने में परेशानी होने लगी। वेंटिलेटर की जरूरत पड़ने पर पिता उसे कंधे पर उठाकर ऑपरेशन थिएटर की ओर दौड़े, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही युवती ने दम तोड़ दिया। मृतका की पहचान भगवती धुर्वे (19 वर्ष), निवासी ग्राम चरखुरा के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल के डायलिसिस सेंटर में कुल छह मशीनें हैं, जिनमें से एक मशीन मार्च 2025 से बंद पड़ी है। करीब दस महीने बीत जाने के बावजूद खराब मशीन की मरम्मत को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
घटना के बाद परिजन और ग्रामीण अस्पताल परिसर में एकत्र हो गए और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और स्टाफ पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। विरोध के चलते अस्पताल परिसर में कुछ समय तक तनाव का माहौल बना रहा।