पट्टा दिया, पीएम आवास बनवाया… अब तोड़ने का नोटिस! नरसिंहपुर के 214 गरीब परिवारों के सामने छत छिनने का संकट

Narsinghpur Encroachment Notice : नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ सरकारी योजनाओं के अंतर्विरोध ने 214 गरीब परिवारों की रातों की नींद उड़ा दी है। मुशरान वार्ड, शाकल रोड के किनारे रहने वाले इन परिवारों को पीडब्ल्यूडी (PWD) और राजस्व विभाग ने ‘अतिक्रमण’ हटाने का नोटिस थमा दिया है। विडंबना यह है कि प्रशासन ने खुद ही इन लोगों को जमीन के पट्टे दिए थे और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान भी बनवाए थे।

सरकारी पट्टे और पीएम आवास पर ‘अतिक्रमण’ का ठप्पा

पीड़ित परिवारों का आरोप है कि वे यहाँ दशकों से निवास कर रहे हैं। प्रशासन ने पहले उन्हें कानूनी रूप से पट्टे आवंटित किए और फिर केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ का लाभ देते हुए मकान निर्माण के लिए राशि प्रदान की। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने सरकारी मदद के साथ-साथ अपनी जीवन भर की जमा-पूंजी और मेहनत की कमाई लगाकर सिर छुपाने के लिए छत तैयार की थी, जिसे अब अवैध बताकर तोड़ने की तैयारी की जा रही है।

अधिकारियों के चक्कर काट रहे बेघर होने के डर से सहमे लोग

नोटिस मिलने के बाद से ही इलाके में अफरा-तफरी और डर का माहौल है। आक्रोशित और परेशान लोग अपनी फरियाद लेकर पीडब्ल्यूडी कार्यालय भी पहुंचे, लेकिन वहां से उन्हें कोई ठोस आश्वासन या राहत नहीं मिली। प्रभावित परिवारों का एक ही सवाल है— “अगर यह अतिक्रमण था, तो शासन ने पट्टा क्यों दिया? और अगर पट्टा अवैध था, तो पीएम आवास योजना के तहत लाखों रुपये खर्च कर घर क्यों बनवाए गए?”

प्रशासनिक तालमेल पर खड़े हुए गंभीर सवाल

यह मामला जिले में प्रशासनिक लापरवाही और विभागों के बीच तालमेल की कमी का बड़ा उदाहरण बनता जा रहा है। एक तरफ राजस्व विभाग ने जमीन को रहने योग्य मानकर पट्टे जारी किए, वहीं दूसरी तरफ निर्माण विभाग अब उसी जमीन को सड़क सीमा या अतिक्रमण बता रहा है। फिलहाल, 214 परिवार इस दोहरी मार के बीच न्याय की गुहार लगा रहे हैं कि आखिर वे अपने छोटे-छोटे बच्चों और गृहस्थी को लेकर अब जाएं तो जाएं कहां?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *