MP Forest Crime : शहडोल: जंगलों की सुरक्षा को लेकर शहडोल वन विभाग ने अब तक का सबसे बड़ा ‘मास्टर स्ट्रोक’ खेला है। देशभर में खैर की लकड़ी की बढ़ती डिमांड के बीच, विभाग ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो फर्जी टीपी (ट्रान्जिट पास) के सहारे लकड़ियों की तस्करी कर रहा था। डीएफओ श्रद्धा पेंद्रे के नेतृत्व में हुई इस बड़ी कार्रवाई ने लकड़ी माफियाओं की कमर तोड़ दी है।
तीन ठिकानों पर छापेमारी, राम प्रवेश यादव के बाड़ी से सागौन जब्त
वन विभाग की टीम ने बुढ़ार और ब्यौहारी वन परिक्षेत्र में एक साथ तीन जगहों पर दबिश दी। पहली कार्रवाई बुढ़ार के ग्राम बुगरा में हुई, जहाँ राम प्रवेश यादव के घर के पीछे बाड़ी से 104 नग कीमती सागौन की लकड़ी बरामद की गई। जांच में पता चला कि इस खेप को रात के अंधेरे में पिकअप के जरिए ठिकाने लगाया गया था।
ढाबा और घर से मिलीं हाई-टेक मशीनें और लकड़ियाँ
ब्यौहारी के कोलमी और पटदई इलाके में भी वन विभाग ने तगड़ा एक्शन लिया। अशोक कुमार अवस्थी और सुनील अवस्थी के ठिकानों पर हुई छापेमारी में न केवल सागौन की लकड़ियाँ मिलीं, बल्कि तस्करी में इस्तेमाल होने वाली बैटरी चलित हाई-टेक चेन-सॉ मशीनें और अन्य उपकरण भी जब्त किए गए। सुनील अवस्थी के ढाबे से भी भारी मात्रा में सागौन के लट्ठे मिले हैं।
खैर की जड़ें और छिलके भी निशाने पर
डीएफओ श्रद्धा पेंद्रे ने बताया कि तस्कर अब केवल लकड़ी ही नहीं, बल्कि खैर की जड़ों और छिलकों तक की तस्करी कर रहे हैं। विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वन संपदा की लूट किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं होगी। शहडोल पुलिस और वन विभाग अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई तक पहुँचने के लिए जांच तेज कर दी है।