बीजापुर। जिले में जंगलों में आगजनी और अवैध शिकार की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए वन विभाग ने आम नागरिकों से सतर्कता और सहयोग की अपील की है। विभाग ने कहा है कि वन क्षेत्र हमारी अमूल्य प्राकृतिक संपदा हैं, जिनकी सुरक्षा करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
वन अधिकारियों के अनुसार जंगल में लगने वाली आग से पेड़-पौधों, वन्य जीवों और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचता है। कई बार छोटी-सी लापरवाही, जैसे जलती बीड़ी या माचिस फेंक देना, भीषण वनाग्नि का कारण बन जाती है। इसलिए लोगों से आग्रह किया गया है कि वे जंगल क्षेत्र में किसी भी प्रकार की ज्वलनशील वस्तु का उपयोग न करें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत दें।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि भारतीय वन अधिनियम तथा वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत जंगल में आग लगाना और वन्य प्राणियों का शिकार करना दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में जुर्माना और कारावास सहित सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
यह अपील बीजापुर वनमण्डल (सामान्य) एवं इंद्रावती टाइगर रिजर्व की ओर से जारी की गई है। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे वन एवं वन्यजीव संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाएं और किसी भी वनाग्नि या शिकार की जानकारी नजदीकी वन कार्यालय को दें।
जंगल में आग और अवैध शिकार पर सख्ती, वन विभाग की अपील

03
Mar