बिलासपुर. छत्तीसगढ़ में सोमवार का दिन आगजनी की दो बड़ी घटनाओं से दहला रहा। प्रदेश के बिलासपुर और खैरागढ़ जिलों में स्थित औद्योगिक इकाइयों में भीषण आग लगने से लाखों का नुकसान हो गया। बिलासपुर के तिफरा इंडस्ट्रियल एरिया में जहाँ केमिकल के कारण आग ने विकराल रूप लिया, वहीं खैरागढ़ में एक जोरदार ब्लास्ट के बाद डामर प्लांट धू-धू कर जल उठा।
बिलासपुर: तिफरा इंडस्ट्रियल एरिया में मची अफरा-तफरी बिलासपुर के तिफरा औद्योगिक क्षेत्र स्थित ‘विकास पेंट्स’ के गोदाम में सोमवार सुबह अचानक आग लग गई। चूँकि गोदाम में भारी मात्रा में ज्वलनशील केमिकल और पेंट रखा था, इसलिए लपटें देखते ही देखते आसमान छूने लगीं। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि पूरे इलाके में काला धुआं छा गया और लोगों में भगदड़ मच गई। दमकल की कई गाड़ियों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह गोदाम अवैध रूप से चल रहा था और यहाँ सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे।
खैरागढ़: जोरदार धमाके के बाद भड़की आग दूसरी ओर, खैरागढ़ जिला मुख्यालय से करीब 23 किलोमीटर दूर जालबांधा क्षेत्र में स्थित एक डामर प्लांट में सुबह 11 बजे भीषण हादसा हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्लांट में पहले एक बहुत जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद पूरी फैक्ट्री में आग फैल गई। केमिकल की मौजूदगी के कारण आग पर काबू पाना मुश्किल हो रहा है और खबर लिखे जाने तक फायर ब्रिगेड की टीमें मोर्चा संभाले हुए थीं।
लाखों का नुकसान, जांच शुरू राहत की बात यह रही कि इन दोनों घटनाओं में फिलहाल किसी जनहानि (मौत) की खबर नहीं है, लेकिन फैक्ट्रियों में रखा लाखों रुपये का कीमती सामान और मशीनें जलकर खाक हो गई हैं। प्रशासन ने दोनों मामलों में जांच के आदेश दे दिए हैं। अब औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों और फायर एनओसी (NOC) की गंभीरता से जांच की मांग उठ रही है।