नई दिल्ली। अगले साल यानी कि वर्ष 2027 के अप्रैल से भरे जाने वाले इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) को भरना और उसे दाखिल करना बिल्कुल आसान हो जाएगा।
क्योंकि आपका आईटीआर पहले से भरा होगा और अगर आपको लगता है कि वह आपकी आय व व्यय के मुताबिक बिल्कुल सही तरीके से भरा गया है तो आपको सिर्फ क्लिक करके उसे सब्मिट करना रहेगा। लेकिन आप भरे हुए फार्म से संतुष्ट नहीं है तो आप उसमें अपने हिसाब से बदलाव कर सकते हैं।
अप्रैल 2027 से इनकम टैक्स का नया कानून होगा लागूइस साल एक अप्रैल से इनकम टैक्स का नया कानून लागू हो रहा है और उसके तहत यह व्यवस्था की जा रही है। इसलिए अगले वित्त वर्ष 2026-27 में होने वाली आय पर दिए जाने वाले टैक्स के लिए जो आईटीआर भरे जाएंगे, उनमें यह सुविधा होगी। अप्रैल से इसलिए लागू किया जा रहा है क्योंकि कई लोग एडवांस में टैक्स जमा करते हैं।
अगले महीने मार्च में इनकम टैक्स के नए कानून को अधिसूचित कर दिया जाएगा। अभी विभाग ने प्रस्तावित नए कानून पर लोगों से परामर्श लेने के लिए मसौदा जारी किया है।
2027 में ITR भरने के दौरान क्रिप्टो की जानकारी देना होगा अनिवार्यवर्ष 2027 में जो आईटीआर भरे जाएंगे, उनमें क्रिप्टो रखने की जानकारी को अनिवार्य किया जा रहा है। आगामी वित्त वर्ष से इनकम टैक्स विभाग क्रिप्टो एक्सचेंज से क्रिप्टो खरीदने वाले की पूरी जानकारी लेगा और क्रिप्टो रखने वालों को भी इस बारे में आईटीआर में बताना होगा।
पैन को लेकर भी कई बदलावपर्मानेंट एकाउंट नंबर (पैन) को लेकर भी कई बदलाव किए जा रहे हैं। अभी एक दिन में 50,000 रुपए से अधिक नकद बैंक में जमा करने पर पैन देना पड़ता है। अब एक वित्त वर्ष में 10 लाख रुपए से अधिक नकद जमा करने पर पैन देना होगा।
विभागीय सूत्रों का कहना है कि चूंकि बैंक का खाता पहले से आपके पैन से जुड़ा है, इसलिए उसमें जमा होने वाली रकम आपके एनुअल इंफार्मेशन स्टेटमेंट (एआईएस) में दिख रही है। पांच लाख से अधिक रकम की कार खरीदने पर ही पैन देना अनिवार्य होगा। अभी किसी भी कीमत की कार खरीदने पर पैन देना पड़ता है।
20 लाख रुपए से अधिक की प्रोपर्टी खरीदने पर पैन देना होगा। अभी यह सीमा 10 लाख रुपए की है। होटल, बैंक्वेट या रेस्टोरेंट का बिल एक लाख रुपए से अधिक होने पर पैन देना अनिवार्य होगा। मकान भत्ता क्लेम करने के मामले में अब हैदराबाद, बंगलुरु, पुणे और अहमदाबाद को दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई की तरह मेट्रोपोलिटन सिटी की श्रेणी में डाला जा रहा है
किन गाड़ियों पर मोटर भत्ता को इनकम टैक्स से छूट?1600 सीसी तक की गाड़ी के लिए प्रतिमाह 8000 तो इससे ऊपर क्षमता वाली गाड़ी के लिए प्रतिमाह 10000 रुपए तक के मोटर भत्ता को इनकम टैक्स के दायरे से बाहर रखा गया है।
विभाग का कहना है कि नए कानून में गैर जरूरी जानकारी नहीं ली जाएगी। विभाग के मुताबिक लोगों की आय के बारे में पता लगाने के लिए विभाग विभिन्न प्रकार की टेक्नोलाजी का भी इस्तेमाल कर रहा है, इसलिए बेवजह लोगों से जानकारी नहीं मांगी जाएगी।
इनकम टैक्स विभाग के मुताबिक चालू वित्त वर्ष में 1.1 करोड़ अपडेटेड और रिवाइज्ड रिटर्न भरे गए हैं। इन लोगों ने अपनी आय कम बताई थी, लेकिन विभाग की नजरों से बच नहीं सके।