शिक्षकों की प्रताड़ना से तंग आकर 12वीं के छात्र ने दी जान: सुसाइड नोट में प्राचार्य पर लगाए गंभीर आरोप, ग्रामीणों ने शव रखकर किया चक्काजाम

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ 12वीं कक्षा के एक छात्र कमलेश जायसवाल ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। छात्र ने मरने से पहले एक सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें उसने स्कूल के प्राचार्य और कुछ शिक्षकों पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का संगीन आरोप लगाया है।

कमलेश आरसमेटा स्थित न्यूवोको सीमेंट प्लांट द्वारा संचालित स्कूल का छात्र था। घटना के बाद से मृतक के परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। न्याय की मांग को लेकर ग्रामीणों ने आरसमेटा गांव में छात्र के शव को सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया है।

खबर के मुख्य बिंदु:
सुसाइड नोट में छलका दर्द: छात्र ने सुसाइड नोट में स्पष्ट लिखा है कि वह शिक्षकों के व्यवहार से परेशान था। उसने मांग की है कि प्रताड़ित करने वाले शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

परिजनों का प्रदर्शन: सुबह 11 बजे से ही आक्रोशित ग्रामीणों ने चक्काजाम कर रखा है। परिजनों का कहना है कि जब तक दोषी शिक्षकों पर कार्रवाई नहीं होती, वे प्रदर्शन खत्म नहीं करेंगे।

पुलिस की कार्रवाई: मौके पर मुलमुला पुलिस तैनात है। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में ले लिया है और स्कूल प्रबंधन से चर्चा कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

इलाके में तनाव: चक्काजाम और प्रदर्शन के चलते क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं।

यह घटना शिक्षा संस्थानों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और शिक्षकों के व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

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