बैकुंठपुर, कोरिया। कोरिया जिले के बैकुंठपुर वन परिक्षेत्र में वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण का सिलसिला कई सालों से बेरोकटोक जारी है। विशेषकर कटघोड़ी पहाड़पाला मुख्य मार्ग के समीप बड़े पैमाने पर शासकीय वन भूमि पर भू-माफियाओं और स्थानीय लोगों द्वारा कब्जा किया जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि संबंधित वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी इस गंभीर मामले पर आंखें मूंदे हुए हैं, जिससे उनकी मिलीभगत की आशंका गहरा रही है।
कटगोड़ी पहाड़पारा मुख्य मार्ग के किनारे स्थित वन भूमि पर कुछ लोगों ने धीरे-धीरे कब्जा जमाना शुरू किया और अब यह एक बड़े पैमाने पर अतिक्रमण का रूप ले चुका है। जंगलों को साफ कर, पेड़ों की कटाई कर अवैध निर्माण किए जा रहे हैं, जिससे न केवल वन संपदा को भारी नुकसान हो रहा है, बल्कि वृक्षों की कटाई भी है।
यह सिलसिला आज का नहीं, बल्कि कई सालों से लगातार जारी है। सड़क के किनारे खुलेआम अतिक्रमण हो रहा है, लेकिन किसी भी जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी ने आज तक इस ओर ध्यान नहीं दिया है। आखिर इतने लंबे समय तक अतिक्रमण का जारी रहना बिना किसी आंतरिक सहयोग या मिलीभगत के संभव नहीं है। ऐसा प्रतीत होता है कि वन विभाग के कुछ कर्मचारियों की सांठगांठ के चलते ही अतिक्रमणकारी बेखौफ होकर सरकारी जमीन पर कब्जा जमा रहे हैं।
सवाल उठता है कि जिस मुख्य मार्ग पर लोगों का आवागमन लगातार होता है, वहां इतने बड़े पैमाने पर हो रहे अतिक्रमण पर वन विभाग की नजर क्यों नहीं पड़ रही है? क्या अधिकारी-कर्मचारी जानबूझकर इसे अनदेखा कर रहे हैं या फिर इसमें उनकी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका है?
यह केवल वन विभाग की जमीन का मामला नहीं, बल्कि वनों, वन्यजीवों और क्षेत्र के पर्यावरण के भविष्य का भी सवाल है।
अब देखना यह होगा कि वन विभाग और जिला प्रशासन कब हरकत में आता है और इन अतिक्रमणकारियों के खिलाफ क्या ठोस कार्रवाई करता है। आखिर कैसे बचेगा वन विभाग की अमूल्य जमीन और कौन बचाएगा, यह एक बड़ा यक्ष प्रश्न बना हुआ है।