अम्बिकापुर – राज्य शासन के निर्देशन में जिले के धान उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी की पारदर्शी व्यवस्था से किसानों को सुविधा मिल रही है। सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत (दरिमा) सरगुजा के रहने वाले कृषक पुरुषोत्तम सिंह ने धान विक्रय से प्राप्त आय से ट्रैक्टर खरीदी कर अपनी खेती को नई दिशा दी है।
धान उपार्जन समिति की पारदर्शी व्यवस्था –
कृषक श्री पुरुषोत्तम सिंह ने बताया कि वे हमेशा सहकारी समिति के माध्यम से ही टोकन प्राप्त कर धान विक्रय करते हैं। उन्होंने बताया कि टोकन जारी होने से लेकर धान तौल तक की पूरी प्रक्रिया सरल, सुव्यवस्थित और किसान हितैषी है। पुरूषोत्तम सिंह ने कहा कि खरीदी केंद्र पर कर्मचारियों, ऑपरेटरों और प्रबंधकों द्वारा जिम्मेदारीपूर्वक कार्य किया जाता है, जिससे किसानों को अनावश्यक प्रतीक्षा या परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। इस वर्ष उनकी 132 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है।
धान की आय से साकार हुआ ट्रैक्टर का सपना-
श्री सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष धान विक्रय से प्राप्त राशि से उन्होंने एक नया ट्रैक्टर खरीदा।
ट्रैक्टर उपलब्ध होने से कृषि कार्यों में तेजी आई है और समय पर जुताई, बुवाई एवं परिवहन कार्य संभव हो पाया है। जिससे श्रम लागत में कमी आई है और उत्पादन क्षमता बढ़ी है।
फसल विविधीकरण से बढ़ी आय
अब श्री पुरुषोत्तम सिंह केवल धान की खेती तक सीमित नहीं हैं। वे गेहूँ और चना जैसी फसलों की भी खेती कर रहे हैं। ट्रैक्टर जैसे आधुनिक संसाधन उपलब्ध होने से खेती का दायरा बढ़ा है और उनकी आय के स्रोत मजबूत हुए हैं। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में अधिक सुदृढ़ हुई है।
धान के सर्वाधिक मूल्य से बढ़ा किसानों का उत्साह –
श्री पुरुषोत्तम सिंह ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी किए जाने के निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि फसल का उचित मूल्य मिलने से किसानों को आर्थिक राहत मिल रही है और खेती के प्रति उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।
उपार्जन व्यवस्था के लिए शासन का जताया आभार –
धान खरीदी व्यवस्था से संतुष्टि व्यक्त करते हुए श्री सिंह ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पारदर्शी खरीदी व्यवस्था और समय पर भुगतान से किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि शासन की किसान हितैषी योजनाओं का लाभ मिलने से किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है।