सरकारी स्कूल से शुरू हुआ सफर, मेहनत और पिता की प्रेरणा से बनीं पुलिस अधिकारी
कांकेर। विश्व महिला दिवस महिलाओं की उपलब्धियों और उनके संघर्ष को सम्मान देने का अवसर है। आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी क्षमता और साहस का परिचय दे रही हैं। इसी का एक प्रेरणादायक उदाहरण हैं डीएसपी विंकेश्वरी पिंदे, जो वर्तमान में कांकेर जिले में अपनी सेवाएं दे रही हैं और अपने कार्य के माध्यम से समाज में महिलाओं के लिए एक प्रेरणा बन रही हैं।
विंकेश्वरी पिंदे की प्रारंभिक शिक्षा सरकारी स्कूल से हुई। आगे की पढ़ाई उन्होंने दुर्ग के मॉडल कॉलेज से पूरी की। उनके पिता एक सरकारी शिक्षक थे, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद संघर्ष करते हुए अपनी बेटी को इस मुकाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विंकेश्वरी पिंदे बताती हैं कि उनके जीवन में सबसे बड़ी प्रेरणा उनके पिता ही रहे हैं। उनके पिता का सपना था कि उनकी बेटी पुलिस प्रशासन में एक मजबूत और ईमानदार अधिकारी बने और समाज की सेवा करे।
अपने पिता के इसी सपने को साकार करने के लिए विंकेश्वरी पिंदे ने कड़ी मेहनत और संघर्ष का रास्ता चुना। वर्ष 2022 में उन्होंने पुलिस सेवा में अपनी पहली नियुक्ति धमतरी जिले में प्राप्त की। इसके बाद उनकी दूसरी पोस्टिंग कांकेर जिले में डीएसपी के रूप में हुई, जहां वे पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं।
पुलिस सेवा के दौरान उन्होंने जंगलवार कॉलेज में 45 दिनों का एंटी नक्सल ऑपरेशन का विशेष प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है, जो बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इस प्रशिक्षण को पूरा करना अत्यंत मेहनत और साहस की मांग करता है।
विंकेश्वरी पिंदे न केवल एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी हैं, बल्कि समाज में महिलाओं को प्रेरित करने के लिए अपने अनुभवों को डायरी के रूप में भी लिख रही हैं, ताकि उनकी कहानी से अन्य महिलाएं भी प्रेरणा ले सकें। प्रशिक्षण के दौरान उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें मुख्यमंत्री द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है।
विश्व महिला दिवस के अवसर पर विंकेश्वरी पिंदे का जीवन यह संदेश देता है कि दृढ़ संकल्प, मेहनत और परिवार की प्रेरणा से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उनकी सफलता आज की युवा पीढ़ी, विशेषकर महिलाओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है।