मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले स्थित सबलगढ़ नगर पालिका परिषद में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) की टीम की अचानक दबिश से हड़कंप मच गया। टीम के कार्यालय पहुंचते ही वहां मौजूद कर्मचारी अलमारियों को बंद कर दफ्तर से बाहर निकल गए। बताया जा रहा है कि करीब चार घंटे तक इंतजार करने के बाद भी जब कोई जिम्मेदार कर्मचारी वापस नहीं लौटा, तो टीम को खाली हाथ वापस जाना पड़ा।
नगर पालिका में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत मिलने के बाद ईओडब्ल्यू की टीम जांच और छापेमारी की कार्रवाई के लिए सबलगढ़ पहुंची थी। पार्षद मोहन पचौरी ने इस संबंध में विभाग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें नगर पालिका के वित्तीय कार्यों में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए थे।
जानकारी के अनुसार, ईओडब्ल्यू की टीम के आने की भनक लगते ही नगर पालिका अध्यक्ष, सीएमओ और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर बैठे कर्मचारी कार्यालय से चले गए। कर्मचारियों ने जाते समय अपनी-अपनी अलमारियों पर ताले जड़ दिए ताकि कोई दस्तावेज न देखा जा सके। लगभग पांच घंटे तक कर्मचारियों का इंतजार करने और सहयोग न मिलने के कारण ईओडब्ल्यू की टीम को बिना किसी कार्रवाई के लौटना पड़ा। इस घटना के बाद से नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।