तेहरान/वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया के इतिहास में आज का दिन सबसे बड़े उलटफेर के रूप में दर्ज हो गया है। इजरायल और अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभियान में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने की खबर है। ईरानी सरकारी मीडिया और समाचार एजेंसी IRNA ने 86 वर्षीय खामेनेई की मौत की पुष्टि कर दी है। इस भीषण हमले में न केवल खामेनेई, बल्कि उनकी बेटी, बहू, दामाद और पोते-पोतियों की भी जान चली गई है, जिससे ईरान का शीर्ष नेतृत्व पूरी तरह बिखर गया है।
ट्रंप का बड़ा दावा: “दुनिया को मिला न्याय”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सफल ऑपरेशन की जानकारी देते हुए इसे “न्याय की जीत” बताया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि इतिहास के सबसे क्रूर लोगों में से एक का अंत हो गया है। उन्होंने साफ किया कि यह हमला ईरान के उन महत्वपूर्ण ठिकानों पर की गई सटीक बमबारी का हिस्सा था, जो दुनिया की शांति के लिए खतरा बने हुए थे। ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी कि जब तक मध्य पूर्व में पूरी तरह शांति स्थापित नहीं हो जाती, तब तक सैन्य कार्रवाई जारी रह सकती है।
ईरान की सड़कों पर जश्न और ‘आजादी’ के नारे
हैरानी की बात यह है कि अपने सर्वोच्च नेता की मौत पर ईरान के कई हिस्सों से गम के बजाय जश्न की खबरें आ रही हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में ईरानी महिलाएं बिना हिजाब के सड़कों पर नाचती और “इस्लामिक रिपब्लिक मुर्दाबाद” के नारे लगाती दिख रही हैं। कराज और तेहरान के उपनगरों में लोग तालियां बजाकर इस कट्टरपंथी शासन के अंत का स्वागत कर रहे हैं। लंदन और अन्य विदेशी शहरों में भी प्रवासी ईरानियों ने इजरायली नागरिकों के साथ मिलकर इस घटना पर खुशी जाहिर की है।
भविष्य की अनिश्चितता और रेजा पहलवी की अपील
खामेनेई के आधिकारिक एक्स (ट्विटर) हैंडल से कुरान की आयतें पोस्ट की गई हैं, जिसे विशेषज्ञ उनकी मौत पर अंतिम मुहर मान रहे हैं। देश में 40 दिनों के शोक की घोषणा की गई है। इस बीच, निर्वासित ईरानी युवराज रेजा पहलवी ने जनता से एकजुट होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अब ईरान को एक स्वतंत्र और समृद्ध भविष्य की ओर बढ़ना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि शासन बचाने की कोई भी कोशिश अब सफल नहीं होगी।
यह हमला शनिवार को शुरू हुआ था, जिसमें इजरायल और अमेरिका ने ईरान के मिसाइल सेंटर्स, ड्रोन साइट्स और आईआरजीसी (IRGC) के कमांड मुख्यालयों को नेस्तनाबूद कर दिया। अब सवाल यह है कि क्या खामेनेई का उत्तराधिकारी चुना जाएगा या ईरान में एक नई क्रांति की शुरुआत होगी?