ईरान-इजरायल जंग का असर: अब रसोई गैस पर पहरा, कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई पर लगी रोक

मध्यप्रदेश: ईरान और इजरायल के बीच छिड़े युद्ध की तपिश अब भारतीय रसोइयों तक पहुँचने लगी है। वैश्विक स्तर पर ईंधन की आपूर्ति में आई रुकावटों को देखते हुए ऑयल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडरों की डिलीवरी पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। हालांकि, राहत की बात यह है कि अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को इस प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है।

सरकार ने यह कदम आगामी गैस संकट और जमाखोरी की आशंका को देखते हुए उठाया है। इस फैसले का सबसे बड़ा असर होटल, रेस्टोरेंट, मैरिज गार्डन और छोटे-बड़े उद्योगों पर पड़ने वाला है।

मंत्रालय ने जारी किए सख्त निर्देश
गैस संकट की स्थिति को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट की है। मंत्रालय के अनुसार, जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण एलपीजी के आयात (Import) में बाधा आ रही है। इसके समाधान के लिए निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं:

घरेलू गैस को प्राथमिकता: रिफाइनरियों को आदेश दिया गया है कि वे एलपीजी का उत्पादन बढ़ाएं और उस अतिरिक्त स्टॉक का इस्तेमाल केवल घरेलू उपभोक्ताओं के लिए करें।

बुकिंग पर पाबंदी: ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए घरेलू सिलेंडर की बुकिंग के बीच 25 दिन का अंतर (Inter-booking period) अनिवार्य कर दिया गया है।

विशेष कमेटी का गठन: रेस्टोरेंट और होटलों को गैस सप्लाई देने के लिए ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के तीन कार्यकारी निदेशकों (ED) की एक कमेटी बनाई गई है, जो आवेदनों की समीक्षा के बाद ही आपूर्ति की अनुमति देगी।

आवश्यक सेवाएं: इम्पोर्टेड गैस की सीमित सप्लाई में फिलहाल केवल अस्पताल और स्कूल-कॉलेज जैसे जरूरी संस्थानों को ही प्राथमिकता दी जाएगी।

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