मुंबई/भोपाल। ईरान में जारी संघर्ष और होर्मुज स्ट्रेट पर पैदा हुए संकट का सीधा असर अब भारत की घरेलू और व्यावसायिक गैस आपूर्ति पर दिखने लगा है। देश के प्रमुख शहरों में गैस सिलेंडर की बुकिंग में आ रही दिक्कतों और बढ़ती कीमतों के कारण आम जनता परेशान है। मुंबई, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
मुंबई में हालात को देखते हुए एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरों ने अब केवल घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। इसका सबसे बड़ा असर होटल और रेस्टोरेंट उद्योग पर पड़ा है। जानकारी के अनुसार, 6 मार्च से होटलों को होने वाली एलपीजी आपूर्ति में 80 फीसदी तक की कटौती कर दी गई है, जिससे शहर के मशहूर भोजनालयों का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। गैस की किल्लत से बचने के लिए अब लोग बिजली से चलने वाले उपकरणों की ओर रुख कर रहे हैं।
इधर, ईधन की आपूर्ति को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के कारण पेट्रोल पंपों पर भी भारी भीड़ उमड़ रही है। भोपाल समेत कई शहरों में वाहन चालकों को पेट्रोल भरवाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
हालांकि, महानगर गैस लिमिटेड ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा है कि फिलहाल गैस की उपलब्धता सामान्य है और कंपनी अपने क्षेत्रों में सीएनजी और पीएनजी की आपूर्ति सुचारू रूप से कर रही है। कंपनी ने संकेत दिए हैं कि खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव के कारण एलएनजी आयात बाधित हुआ है, जिसके चलते औद्योगिक और वाणिज्यिक ग्राहकों के लिए गैस की सप्लाई में भविष्य में कुछ कटौती की जा सकती है।