बनियागांव प्राथमिक शाला में शिक्षक नदारद, बोर्ड परीक्षा से पहले बच्चों का भविष्य अधर में, स्कूल में शिक्षक नहीं होने से आज 01 बजे वार्ड पंच डिकेश्वर सेठिया ने बच्चों को छुट्टी देकर स्कूल बंद करवाया
कोण्डागांव। जिले के कोंडागांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम बनियागांव स्थित जनपद प्राथमिक शाला में शिक्षा व्यवस्था की गंभीर अनदेखी सामने आई है। पहली से पांचवीं कक्षा तक के 25 छात्र-छात्राएं रोजाना समय पर स्कूल तो पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें पढ़ाने और उनकी देखरेख करने वाला कोई शिक्षक मौजूद नहीं रहता। ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थिति एक-दो दिन की नहीं, बल्कि लंबे समय से रोजमर्रा की सच्चाई बन चुकी है।

स्कूल राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के ठीक किनारे स्थित है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को लेकर खतरा लगातार बना हुआ है। वार्ड पंच डिकेश्वर सेठिया ने बताया कि शिक्षकों की अनुपस्थिति में किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए शुक्रवार को दोपहर एक बजे बच्चों की छुट्टी कर स्कूल बंद करवाना पड़ा।
ग्रामीणों के अनुसार स्कूल में न नियमित पढ़ाई हो रही है और न ही बच्चों की निगरानी के लिए कोई जिम्मेदार मौजूद रहता है। सबसे चिंताजनक स्थिति पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों की है, जिनकी बोर्ड परीक्षा नजदीक है, लेकिन पढ़ाई लगभग पूरी तरह ठप पड़ी हुई है। इससे बच्चों के शैक्षणिक भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
इस संबंध में संकुल समन्वयक देवराज सोढ़ी ने बताया कि स्कूल में पदस्थ दोनों शिक्षक — अजय कौशिक और सुशील पांडे — की ड्यूटी वर्तमान में बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के रूप में लगी हुई है। चुनावी कार्यों के चलते वे अधिकांश समय फील्ड में रहते हैं, जिससे स्कूल संचालन प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि चुनावी और अन्य शासकीय कार्यों के नाम पर शिक्षा को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसका सीधा असर बच्चों के भविष्य पर पड़ रहा है। नाराज़ ग्रामीणों ने स्कूल की वास्तविक स्थिति का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया है, ताकि जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकृष्ट हो सके।
ग्रामीणों ने मांग की है कि बच्चों की पढ़ाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्कूल में नियमित रूप से शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि शिक्षा का स्तर सुधरे और बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके।