चारामा
छग माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10 और 12 वी की बोर्ड परिक्षाओ को प्रारम होने में 30 दिनो से कम का समय बचा हुआ है। छात्र छात्राएँ परीक्षाओ की तैयारीयो मे लगे हुए है। वही छात्रो की परीक्षाओ की तैयारीयो मे सुबह और शाम तेज आवाज मे चलने वाले माईक और साउण्ड सिस्टम खलल डाल रहे है। मंदिरो में सुबह 04 बजे से भगवान के भजन तेज आवाज मे चला दिये जाते है। जो कि 03 से 04 घंटे तक प्रतिदिन चलते रहते है। रात के अंधेरे में कई किलोमीटर दुर मंदिर की आवाज भी घरो के अंदरो तक इतनी तेज आती है। ऐसे मे परीक्षा की तैयारी में लगे छात्रो को पढने में दिक्कते उत्पन्न हो रही है। वही सुबह से चलने वाले गानो के चलते आम जनता को भी उनके नीद से जुडी समस्याएँ सामने आ रही है। क्योंकि 04 बजे से चलने वाले तेज ध्वनि से गाने आम नागरिक की नींद भी तोड़कर उन्हें नींद की बीमारी में धकलने का काम कर रही हैं.वही सध्या बेला पर भी साउण्ड सिस्टम चाहे वह किसी भी धार्मिक स्थान का हो या किसी आयोजन या शादी समारोह तेज ध्वनि के चलते बच्चो को पढने में दिक्कतो का सामना करना पड रहा है। वही नगर में किसी भी जगह होने वाले धार्मिक आयोजन मे माईक विस्तार पुरे नगर में कर दिया जाता है। जिसके चलते आयोजन एक वार्ड में चलता है लेकिन उसकी ध्वनि पुरे नगर मे गुजती रहती है। ऐसे तेज ध्वनि मे छात्र छात्र कैसे तैयारी कर पायेगे। ऐसे में छात्र छात्राओ की बोर्ड परिक्षाओ को देखते हुए परीक्षाओ के खत्म होने तक सभी धार्मिक स्थानो, अन्य आयोजनो शादी पार्टी या राजनीतिक गतिविधियो सभी मे ध्वनि का नियत्रण किया जाये, कम ध्वनि में मंदिरो अन्य धार्मिक स्थानो या आयोजनो ने साउण्ड चलाया जाये, ताकि छात्र छात्राओ को उनकी तैयारियों में ध्वनि के चलते कोई दिक्कते न हो,क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के नियमानुसार भी तेज ध्वनि के साउंड पर प्रतिबन्ध किया गया हैं,
इस सम्बद्ध में तहसीलदार सत्येन्द्र शुक्ल से पुछने पर जानकारी में उन्होंने बताया कि बोर्ड परीक्षा अगले महिने से शुरू है, ऐसे में कही न कही तेज ध्वनि के चलते बच्चों को पढने में दिक्कते आती होगी। उच्च अधिकारियो से मार्ग दर्शन लेकर आगे की कार्यवाही की जायेगी।
कान फोड़ू साउंड सिस्टम की ध्वनि धीमे करने की मांग

14
Jan