भिलाई (दुर्ग): रमेश गुप्ता : नशे के सौदागरों के खिलाफ दुर्ग पुलिस ने अपनी मुहिम तेज कर दी है। भिलाई नगर पुलिस ने अफीम की तस्करी करने वाले एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए दो और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इस अंतर्राज्यीय गिरोह के अब तक तीन सदस्य जेल भेजे जा चुके हैं और पुलिस अब इनके मुख्य स्रोत तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
मुखबिर की सूचना पर बिछाया गया जाल
कार्रवाई की शुरुआत 15 जनवरी 2026 को हुई, जब पुलिस को सटीक सूचना मिली कि सेक्टर-06 के महाराणा प्रताप चौक के पास एक व्यक्ति अफीम बेचने के लिए ग्राहकों की तलाश कर रहा है। पुलिस टीम ने तुरंत घेराबंदी कर बलवीर सिंह नामक व्यक्ति को दबोचा। तलाशी लेने पर उसके पास से 205 ग्राम अफीम बरामद हुई। पुलिस ने नशीले पदार्थ के साथ एक मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन भी जब्त किया, जिसकी कुल कीमत करीब 80,500 रुपये आंकी गई है।
पूछताछ में खुले तस्करी के राज
पकड़े गए आरोपी बलवीर सिंह ने पूछताछ के दौरान चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि वह ‘रामबाबू’ के माध्यम से अफीम की खरीद-बिक्री करता था और इस पूरे माल की सप्लाई दंतेवाड़ा का रहने वाला ‘स्वरूप सोनी’ कर रहा था। इस इनपुट के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शनिवार को दोनों मुख्य आरोपियों को भी धर दबोचा।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:
- रामबाबू उर्फ कैम्बो (45 वर्ष): निवासी सेक्टर-06, भिलाई। (मुख्य कड़ी)
- स्वरूप सोनी (28 वर्ष): निवासी गीदम, जिला दंतेवाड़ा। (सप्लायर)
- बलवीर सिंह (पूर्व में गिरफ्तार): निवासी सेक्टर-06, भिलाई।
दुर्ग पुलिस की नशे के खिलाफ जंग जारी
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब इस नेटवर्क के अंतर्राज्यीय कनेक्शन खंगाल रही है। पुलिस का मानना है कि इन आरोपियों के तार दूसरे राज्यों के बड़े तस्करों से जुड़े हो सकते हैं। भिलाई नगर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक्स एक्ट (NDPS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल दाखिल कर दिया है। दुर्ग पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशे का अवैध कारोबार करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।