दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में चर्चित अफीम की खेती के मामले में शासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए निलंबित ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को बहाल कर दिया है। छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के उल्लंघन के आरोप में निलंबित की गई एकता साहू का निलंबन समाप्त कर उन्हें पुनः सेवा में ले लिया गया है। इस पूरे प्रकरण में अब तक सात आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है।
उल्लेखनीय है कि जिले के ग्राम समोदा में मक्के की फसल की आड़ में अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही थी। इस मामले में मुख्य आरोपी भाजपा नेता विनायक ताम्रकार और उनके सहयोगियों की गिरफ्तारी के बाद जिला प्रशासन ने क्षेत्र की ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू को सस्पेंड कर दिया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने आवंटित क्षेत्र के खेतों का धरातल पर जाकर सही तरीके से सर्वेक्षण नहीं किया, जिसके चलते कागजों में मक्के की फसल दिखाई गई जबकि हकीकत में वहां अफीम उगाई जा रही थी।
विभागीय जांच और प्रक्रिया के बाद अब एकता साहू के निलंबन को रद्द करने का आदेश जारी किया गया है। बहाली के पश्चात उन्हें विकासखंड धमधा के वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी कार्यालय में पदस्थ किया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बीच पुलिस और संबंधित विभाग अफीम तस्करी से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच में जुटे हुए हैं।
