युद्ध और महंगाई की चौतरफा मार: शेयर बाजार में कोहराम, लाल निशान के साथ डूबे निवेशकों के अरबों रुपये

मुंबई: वैश्विक तनाव और घरेलू मोर्चे पर बढ़ती महंगाई ने आज भारतीय शेयर बाजार की कमर तोड़ दी है। शुक्रवार, 13 मार्च 2026 को बाजार खुलते ही दलाल स्ट्रीट पर सन्नाटा पसर गया। खाड़ी देशों में जारी युद्ध और विदेशी निवेशकों के हाथ खींचने से सेंसेक्स और निफ्टी ताश के पत्तों की तरह ढह गए।

बाजार में बड़ी गिरावट के मुख्य आंकड़े:

सेंसेक्स: शुरुआती कारोबार में ही 590 अंक फिसलकर 75,444.22 के स्तर पर आ गया।

निफ्टी 50: 177 अंकों की भारी गिरावट के साथ 23,462.50 पर कारोबार करता दिखा।

क्यों मची है बाजार में खलबली?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट के पीछे तीन बड़े ‘विलेन’ काम कर रहे हैं। पहला, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) द्वारा भारतीय बाजार से लगातार पैसा निकालना। दूसरा, कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतों का 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचना, जिससे सप्लाई चेन पर खतरा मंडरा रहा है। तीसरा और सबसे बड़ा कारण पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष है, जिसने वैश्विक अर्थव्यवस्था को डरा दिया है।

महंगाई का बढ़ता बोझ
युद्ध के कारण ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ से होने वाली तेल सप्लाई बाधित हुई है। हालांकि भारत ने रूस से तेल का बैकअप सुरक्षित किया है, लेकिन घरेलू खुदरा महंगाई (CPI) बढ़कर 3.21% पर पहुंच गई है। आशंका जताई जा रही है कि आने वाले हफ्तों में आम आदमी की जेब पर महंगाई की मार और भी सख्त होगी।

इन सेक्टरों में सबसे ज्यादा बिकवाली
आज के कारोबार में ‘ऑटो सेक्टर’ सबसे ज्यादा चोटिल हुआ है, जिसमें 1% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा आईटी, मेटल और प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में भी निवेशकों ने जमकर बिकवाली की। केवल भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिका और जापान के बाजार भी गिरावट के दबाव में नजर आ रहे हैं।

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