Raigarh Police Woman Assault Case : रायगढ़ : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार में आदिवासी ग्रामीणों द्वारा एक आदिवासी महिला पुलिसकर्मी को उसके कपड़े फाड़कर उसे लात जूतों से बुरी तरह पीटने की इस वीभत्स घटना ने पूरे देश में छत्तीसगढ़ को बदनाम व शर्मसार किया है। एक आदिवासी महिला के साथ हुई बेहद शर्मनाक घटना पर भी लोगों में अजीब सी चुप्पी है, वो इसलिए कि पीड़ित महिला एक पुलिस कर्मी थी तथा अपराध करने वाले आदिवासी ग्रामीण?
Raigarh Police Woman Assault Case : सोशल मीडिया में हर मुद्दे पर चीखने-चिल्लाने वाले इन्फ्लूएंजर्स भी मुँह छिपाते फिर रहे हैं कि कहीं कोई इस पर सवाल न पूछ दे। हर आदमी राजनीतिक और सामाजिक रूप से करेक्ट दिखना चाहता है, इसलिए वो इस ज्वलंत मुद्दे पर भी मौन है? यदि घटना कारित करने वालों का सामाजिक समीकरण कुछ और होता तो यकीन मानिये ये मुद्दा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय समाचार बनता।
मेरा सवाल हर उस आम छत्तीसगढ़िया से है जिसकी बहन बेटियां पुलिस विभाग या सरकारी नौकरी में हैं, क्या उनके साथ ऐसी घटना कभी नहीं हो सकती? क्या उनकी आवाज तब निकलेगी जब उनके अपने इसके शिकार बनेंगे? याद रखिए, मौन रहकर दूर से तमाशा देखने वालों को उनके दुःख में कोई आंसू पोछने वाला भी नहीं मिलता। छत्तीसगढ़ में एक महिला को घेरकर उसे निर्वस्त्र कर बुरी तरह पीटा जाए और हम छत्तीसगढ़िया उस पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए खड़े भी न हो सकें तो हमें शर्म से डूब मरना चाहिए..