दुबई। दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बुधवार को हुए ड्रोन हमले में एक भारतीय नागरिक समेत कुल चार लोग घायल हो गए। दुबई अधिकारियों के अनुसार, सुबह हवाई अड्डे के आसपास दो ड्रोन गिरे, जिसके परिणामस्वरूप दो घाना के नागरिक, एक बांग्लादेशी और एक भारतीय नागरिक को मामूली चोटें आईं। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं और मामले की जांच की जा रही है। राहत की बात यह है कि हमले के बावजूद हवाई अड्डे पर हवाई यातायात सामान्य रूप से जारी है।
दुबई एयरपोर्ट्स ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए बताया है कि सात मार्च से दोनों प्रमुख हवाई अड्डों पर उड़ानें आंशिक रूप से फिर से शुरू की गई हैं। प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी एयरलाइन से फ्लाइट के समय की पुष्टि करने के बाद ही हवाई अड्डे के लिए निकलें। उड़ानों के शेड्यूल में लगातार बदलाव हो रहा है और विमानों के संचालन में औसतन 60 से 90 मिनट की देरी हो रही है।
इससे पूर्व एक मार्च को भी दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के एक हिस्से पर ड्रोन हमले के कारण आंशिक क्षति हुई थी, जिसमें चार कर्मचारी घायल हो गए थे। उस समय आपातकालीन योजनाओं के तहत यात्रियों को सुरक्षित टर्मिनलों से बाहर निकाल लिया गया था।
ईरानी हमलों के कारण मध्य पूर्व के सात प्रमुख हवाई अड्डों पर पिछले 28 फरवरी से अब तक 40,000 से अधिक उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं। इनमें दुबई, दोहा, अबू धाबी, शारजाह, कुवैत, बहरीन और दुबई वर्ल्ड सेंट्रल एयरपोर्ट शामिल हैं। कुल मिलाकर 51,600 से अधिक उड़ानों पर इसका विपरीत असर पड़ा है। कोरोना महामारी के बाद हवाई यात्रा में यह अब तक की सबसे बड़ी रुकावट मानी जा रही है, जिससे रोजाना हजारों यात्री प्रभावित हो रहे हैं।