कोरिया, 27 मार्च 2026/ कलेक्टर चन्दन त्रिपाठी की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) शासी परिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना, डीएमएफ नियमों में हुए संशोधन तथा खनन प्रभावित क्षेत्रों के निर्धारण सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कलेक्टर ने बताया कि शासन द्वारा डीएमएफ नियमों में संशोधन किया गया है, जिसके तहत अब केवल खनन वाले जिले को ही डीएमएफ निधि प्राप्त होगी। साथ ही खनन क्षेत्र से 15 किलोमीटर तक के क्षेत्र को प्रत्यक्ष प्रभावित तथा 25 किलोमीटर तक के क्षेत्र को अप्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है। इसी आधार पर जिले के प्रभावित ग्रामों की सूची तैयार कर अनुमोदन के लिए प्रस्तुत की गई।

उन्होंने जानकारी दी कि डीएमएफ निधि का 70 प्रतिशत भाग शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं कौशल विकास जैसे उच्च प्राथमिकता वाले कार्यों पर व्यय किया जाएगा, जबकि शेष राशि अन्य अधोसंरचनात्मक कार्यों पर खर्च की जाएगी। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि निधि का उपयोग पारदर्शिता के साथ करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाए तथा वित्तीय वर्ष समाप्ति से पूर्व लंबित प्रस्तावों के अनुमोदन की प्रक्रिया पूर्ण की जाए।
बैठक में जनप्रतिनिधियों ने भी अधोसंरचना विकास के संबंध में अपने सुझाव दिए। विधायक भईया लाल राजवाड़े ने अधिकारियों से समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण करने की अपील की। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष मोहित पैकरा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, अपर कलेक्टर डी.डी. मण्डावी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।