बीजापुर। नवीन तेंदूपत्ता नीति के तहत सीजन-2026 में तेंदूपत्ता शाखकर्तन एवं वनों को अग्नि से सुरक्षा के संबंध में एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन बांसागार डिपो, बीजापुर में किया गया। कार्यक्रम में आरके जांगड़े वनमण्डलाधिकारी एवं प्रबंध संचालक, वनमण्डल बीजापुर सहित अध्यक्ष एवं सदस्य संचालक मण्डल, जिला यूनियन बीजापुर, उपवनमण्डलाधिकारी, परिक्षेत्र अधिकारी, वनमण्डल एवं इंद्रावती टाइगर रिजर्व बीजापुर के अधिकारी-कर्मचारी, प्रबंधक, फड़मुंशी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
शाखकर्तन से पहले आवश्यक तैयारियों पर जोर
कार्यशाला को संबोधित करते हुए आरके जांगड़े ने विभागीय संग्रहण से पूर्व फड़ चयन, फड़ों का जीपीएस नंबर अंकन, फड़ स्थल की सफाई, स्थानीय पंच/सरपंच के मोबाइल नंबर संधारण, स्थानीय वाहन मालिकों की जानकारी, फड़ का रूट प्लान तैयार करने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बोराभर्ती गैंग के प्रशिक्षण, वैज्ञानिक तरीके से शाखकर्तन तथा शाखकर्तन उपरांत कटे हुए बुटों को थोड़ी दूरी पर फेंकने की प्रक्रिया पर विशेष जोर दिया, ताकि संभावित आगजनी से तेंदूपत्ता उत्पादन क्षेत्र को नुकसान न पहुंचे।
संग्रहण की चुनौतियों और समाधान पर चर्चा
जिला यूनियन बीजापुर के अध्यक्ष सीताराम मांझी सहित संचालक मंडल के सदस्य शिवराम मोड़ियामी, बुधु हेमला, रामा कट्टम, अर्जुन वडदी एवं पी चन्द्रैया ने तेंदूपत्ता शाखकर्तन एवं संग्रहण से जुड़े अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। उपवनमण्डलाधिकारी आवापल्ली प्रकाश कुमार नेताम ने वर्ष 2025 के संग्रहण कार्य में आई कठिनाइयों और उनके समाधान पर प्रकाश डाला। वहीं उपवनमण्डलाधिकारी भोपालपटनम नीतिश रावटे ने शाखकर्तन से लेकर स्थायी गोदाम में भंडारण तक की संपूर्ण प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी।
वनों की अग्नि सुरक्षा पर विशेष मार्गदर्शन
उपवनमण्डलाधिकारी बीजापुर देवेन्द्र गौड़ ने वनों को अग्नि से बचाव हेतु आवश्यक सावधानियों एवं रणनीतियों की जानकारी दी। साथ ही उपस्थित परिक्षेत्र अधिकारियों, प्रबंधकों एवं फड़मुंशियों ने भी शाखकर्तन और अग्नि सुरक्षा से संबंधित अपने विचार साझा किए। कार्यशाला में आगामी सीजन को सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं सफल बनाने के लिए समन्वित प्रयासों पर विशेष बल दिया गया।