भोपाल। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एलआईजी फ्लैट का समय पर आधिपत्य नहीं देने पर जिला उपभोक्ता फोरम ने भोपाल नगर निगम पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। फोरम ने इसे सेवा में गंभीर कमी मानते हुए यह फैसला सुनाया।
यह है पूरा मामला
भोपाल के बागसेवनिया निवासी भगवान दास बंशकार ने 18 अक्टूबर 2021 को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 12 नंबर स्टॉप के पास स्थित एलआईजी फ्लैट के लिए आवेदन किया था। आवेदन के दिन ही उन्होंने बुकिंग राशि के रूप में 2 लाख 20 हजार रुपए जमा किए। इसके बाद 30 दिनों के भीतर उनसे 3 लाख 30 हजार रुपए और जमा कराए गए।
फ्लैट की कुल कीमत 22 लाख रुपए तय की गई थी। शेष राशि के भुगतान के लिए 10 महीने की किश्तें निर्धारित की गईं, जिनका भुगतान शिकायतकर्ता द्वारा समय पर किया गया।
ढाई साल बाद भी नहीं मिला आधिपत्य
किश्तों का पूरा भुगतान होने के बावजूद करीब ढाई साल बीत जाने के बाद भी भगवान दास को फ्लैट का आधिपत्य नहीं दिया गया। जब उन्होंने मौके पर जाकर स्थिति देखी तो पाया कि निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है।
इससे परेशान होकर भगवान दास बंशकार ने जिला उपभोक्ता फोरम में भोपाल नगर निगम के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
फोरम का सख्त रुख
मामले की सुनवाई के बाद जिला उपभोक्ता फोरम की बेंच ने माना कि नगर निगम द्वारा समय-सीमा में फ्लैट का आधिपत्य न देना उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत सेवा में कमी है।
फोरम ने भोपाल नगर निगम पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाते हुए निर्देश दिए कि शिकायतकर्ता को नियमानुसार राहत प्रदान की जाए।
फैसले से अन्य आवेदकों को उम्मीद
इस फैसले को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मकान का इंतजार कर रहे अन्य आवेदकों के लिए भी अहम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह आदेश सरकारी एजेंसियों की जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।