रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी की डिजिटल ई-स्मारिका का भव्य विमोचन किया गया है। नर्चरिंग द फ्यूचर ऑफ द ज्यूडिशियरी शीर्षक से तैयार इस विशेष ई-स्मारिका का लोकार्पण भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत द्वारा किया गया।
इस ई-स्मारिका में वर्ष 2003 से लेकर वर्तमान तक छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी की गौरवशाली यात्रा, महत्वपूर्ण उपलब्धियों और विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया है। इसमें राज्य के न्यायिक विकास की दिशा में किए गए प्रयासों और नवाचारों का संकलन किया गया है।
स्मारिका में विशेष रूप से दंतेवाड़ा, बस्तर और सरगुजा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों सहित प्रदेश के प्रत्येक जिले में न्यायिक संवेदनशीलता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। इसके माध्यम से न्यायिक अधिकारियों के प्रशिक्षण और आम नागरिकों तक न्याय की सुलभ पहुंच सुनिश्चित करने के संकल्प को दोहराया गया है। यह डिजिटल दस्तावेज राज्य की न्याय प्रणाली के सुदृढ़ीकरण और भविष्य की योजनाओं की रूपरेखा पेश करता है।