वाराणसी में बरसे धीरेंद्र शास्त्री: “हम शंकराचार्य के दास”, अमेरिकी राष्ट्रपति को बताया ‘विचलित’ और अविश्वसनीय

वाराणसी। अपने बेबाक बयानों के लिए मशहूर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक बार फिर हलचल मचा दी है। शुक्रवार को धर्म नगरी काशी पहुँचे धीरेंद्र शास्त्री ने गौ रक्षा के मुद्दे पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने न केवल संतों की एकता पर जोर दिया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति और देश की आंतरिक व्यवस्था पर भी तीखे प्रहार किए।

“सनातन कार्य करने वालों के हम दास हैं” शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के अभियान को लेकर पूछे गए सवाल पर धीरेंद्र शास्त्री ने बड़ी विनम्रता और दृढ़ता के साथ कहा कि वे सभी संतों के साथ हैं। उन्होंने कहा, “जो भी सनातन, गौमाता, गीता, गंगा और गोविंद के लिए कार्य कर रहा है, हम उनके दास हैं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि संतों के बीच कोई मतभेद नहीं है और सभी का लक्ष्य एक ही है—सनातन धर्म की रक्षा।

अमेरिकी राष्ट्रपति पर बड़ा हमला: “सुबह कुछ, शाम को कुछ” पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने वैश्विक राजनीति पर टिप्पणी करते हुए अमेरिकी सत्ताधीश (राष्ट्रपति) को ‘विचलित व्यक्ति’ करार दिया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “अमेरिका के सत्ताधीश का कोई भरोसा मत करना। वह सुबह कुछ और बोलता है और शाम को कुछ और। ऐसे लोगों पर विश्वास नहीं किया जा सकता।” उन्होंने आगे कहा कि आज पूरा विश्व युद्ध की कगार पर खड़ा है और भारत ही वह एकमात्र स्थान है जहाँ से ‘सनातन’ की गूँज पूरे विश्व में शांति का मार्ग प्रशस्त करेगी।

हिंदू राष्ट्र और एकता का संदेश UGC और देश की आंतरिक व्यवस्था पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि देश में ऐसी नीतियां नहीं बननी चाहिए जो समाज के बीच खाई या दीवार खड़ी करें। उन्होंने एकता के सूत्र में सबको पिरोने की वकालत करते हुए कहा, “हम भारत को भव्य, दिव्य और नव्य देखना चाहते हैं ताकि वह फिर से विश्वगुरु बन सके। हम देश को जोड़ना चाहते हैं, तोड़ना नहीं।”

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