भानुप्रतापपुर। मंगलम भवन में आयोजित श्रीमद देवी भागवत कथा के पंचम दिवस बुधवार को पंडित देवव्रत शास्त्री भागवताचर्य एवं ज्योतिषाचार्य ने पंचमी स्कन्द माता की पूजा, महिषासुर मोक्ष, एवं अनन्य देवियों की कथा विस्तार से बताई गई।
आयोजक शिव शक्ति समिति के सभी सदस्य अभय पांडेय,कुन्दन साहू,शिव शंकर देहारी,भीखम आरदे,जय शर्मा,अजय शर्मा सहित प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष सहयोग देने भक्तजनों
की प्रशंसा करते हुए महाराज जी ने कहा जिस तरह भागीरथी ने अपने पूर्वजों के उद्धार के लिए माँ गंगा को धरती पर लाया है उसी तरह शिव शक्ति समिति भी नगर सहित क्षेत्र के भक्तो के कल्याण के लिए 2 जनवरी से मंगलम भवन में श्रीमद देवी भागवत कथा के माध्यम से गंगा प्रवाहित हो रहे है। जिसमे नगर सहित क्षेत्र के सैकड़ों भक्तजन डुबकी लगाते हुए अपने जीवन को सार्थक कर रहे है।

जीवन के दिनचर्या में सुबह उठने का महत्व बताया गया। हमेशा लोगो को मीठा वाणी बोलना चाहिए,मा भगवती की कृपा होगी तो रोग भी दूर हो जाएगी। महाराज जी ने स्रोताओं से कहा कि तीर्थयात्रा से 100 गुना पूण्य प्राप्त होता है वही देवी भागवत श्रवण मात्रा से 1000 गुना पूण्य प्राप्त होती है।
माता से बढ़कर संसार मे कोई नही हो सकता वह अपने बच्चे की हर गतिविधि को समझ जाता है।
व्यास जी महाराज देवी भागवत में कहते है कि अभिमान अहंकार से कथा सुनने से पुण्य की प्राप्ति नही होती।
मानव शरीर का एक पल के भी कोई गिनती नही है कब क्या हो जाये। बड़े पूण्य से यह जीवन मिला है। माँ भगवती ही इस भव सागर से पार करने का एकमात्र रास्ता है। क्योंकि दुनिया मे हम सब खाली हाथ आए है और खाली हाथ ही जाना है, देवी भागवत कथा से कमाए पूण्य ही आपके काम आएगा।
महाराज जी ने कहा कि सांसारिक मनुष्य एवं ऋषि संतो में काफी अन्तर ऋषि संतो समाज एवं लोककल्याण के कार्य करते है जबकि मनुष्य केवल अपने स्वार्थ सिद्धि तक सीमित है।