गैस सिलेंडर की किल्लत के बीच ‘डिलीवरी स्कैम’ सक्रिय, एक क्लिक और खाली हो जाएगा आपका बैंक खाता

नई दिल्ली: दुनियाभर में चल रहे युद्ध और तनाव के कारण इन दिनों रसोई गैस (LPG) की सप्लाई पर बुरा असर पड़ा है। भारत में भी गैस की कमी के बीच साइबर अपराधियों ने ठगी का नया पैंतरा खोज लिया है। अब जालसाज आम लोगों को “जल्दी सिलेंडर डिलीवरी” का झांसा देकर उनके बैंक खाते साफ कर रहे हैं।

कैसे बुना जा रहा है ठगी का जाल?
गैस एजेंसियों के बाहर लग रही लंबी कतारों का फायदा उठाकर ठग व्हाट्सएप (WhatsApp) और एसएमएस के जरिए मैसेज भेज रहे हैं। इन मैसेज में लिखा होता है— “अभी भुगतान करें और कल सुबह गैस सिलेंडर घर पाएं” (Pay Now, Get Delivery Tomorrow)। गैस की किल्लत से परेशान लोग जैसे ही इस झांसे में आकर मैसेज में दिए गए संदिग्ध लिंक पर क्लिक करते हैं और एडवांस पेमेंट करते हैं, उनका पैसा सीधे ठगों की जेब में चला जाता है।

फर्जी विज्ञापनों से रहें सावधान
साइबर अपराधी केवल मैसेज ही नहीं, बल्कि फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ‘इंडेन’, ‘भारत गैस’ और ‘एचपी गैस’ के नाम से फर्जी विज्ञापन भी चला रहे हैं। ये विज्ञापन बिल्कुल असली नजर आते हैं क्योंकि इनमें कंपनियों के आधिकारिक लोगो का इस्तेमाल किया जाता है। जैसे ही कोई ग्राहक इन विज्ञापनों पर क्लिक कर अपनी बैंकिंग डिटेल भरता है, उसका पूरा अकाउंट हैक होने का खतरा बढ़ जाता है।

बचाव के लिए क्या करें?
गैस कंपनियों और साइबर एक्सपर्ट्स ने इस संबंध में सख्त चेतावनी जारी की है:

एडवांस पेमेंट से बचें: कोई भी गैस कंपनी सिलेंडर बुकिंग के समय आपसे पहले पैसे नहीं मांगती। पेमेंट हमेशा डिलीवरी के वक्त या आधिकारिक ऐप/वेबसाइट से ही करें।

अनजान लिंक को न छुएं: अगर कोई आपको मैसेज पर लिंक भेजकर गैस बुक करने को कहे, तो उसे तुरंत डिलीट कर दें।

गोपनीयता बरतें: गैस बुकिंग के नाम पर अपना यूपीआई पिन (UPI Pin), ओटीपी (OTP) या बैंक पासवर्ड कभी किसी के साथ साझा न करें।

ठगी होने पर कहाँ करें शिकायत?
अगर आप इस तरह के किसी डिजिटल फ्रॉड का शिकार हो जाते हैं, तो बिना देर किए सरकारी साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। जितनी जल्दी आप शिकायत दर्ज कराएंगे, आपका पैसा वापस मिलने की संभावना उतनी ही ज्यादा होगी।

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