नई दिल्ली, 11 अप्रैल 2026
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने संवेदनशील सैन्य ठिकानों की जासूसी करने वाले एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने दिल्ली और पंजाब से 11 ऐसे आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जो पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ और प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के सीधे संपर्क में थे। इन आरोपितों को उत्तर भारत के महत्वपूर्ण सैन्य और अर्धसैनिक बलों के ठिकानों की गोपनीय जानकारी जुटाने, फोटो-वीडियो बनाने और वहां सोलर सीसीटीवी कैमरे लगाने का कार्य सौंपा गया था।
यह कार्रवाई गाजियाबाद पुलिस द्वारा पिछले माह किए गए एक बड़े खुलासे के बाद की गई है, जिसमें 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह संवेदनशील क्षेत्रों में सोलर पावर से चलने वाले सीसीटीवी कैमरे लगाकर उनकी लाइव फीड मोबाइल ऐप के जरिए पाकिस्तान स्थित अपने हैंडलर तक पहुंचाता था। पुलिस ने विभिन्न स्थानों से नौ ऐसे कैमरे बरामद किए हैं, जिनमें से एक पंजाब के पठानकोट-जालंधर मार्ग पर मीरथल के पास स्थापित किया गया था। इसकी पुष्टि पठानकोट के एसएसपी दलजिंदर सिंह ढिल्लों ने भी की है।
आरोपितों के पास से चार पिस्टल, 24 कारतूस, 24 मोबाइल फोन और हथियारों की तस्करी में प्रयुक्त होने वाली दो कारें व दो मोटरसाइकिलें भी बरामद की गई हैं। स्पेशल सेल के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रमोद सिंह कुशवाहा के अनुसार, यह मॉड्यूल जासूसी के साथ-साथ सीमा पार से हथियारों की तस्करी और देश के कई हिस्सों में ग्रेनेड हमले की साजिश रचने में भी शामिल था।
पुलिस ने बताया कि इस अभियान को दो चरणों में अंजाम दिया गया। पहले चरण में स्पेशल सेल की नॉर्दर्न रेंज टीम ने 29 मार्च को छह आरोपितों को गिरफ्तार किया, जिनकी पहचान मनप्रीत सिंह, अनमोल, साहिल, अतुल राठी, रोहित और अजय के रूप में हुई है। दूसरे चरण में साउथ वेस्ट रेंज की टीम ने मिलिट्री इंटेलिजेंस से प्राप्त सूचना के आधार पर पंजाब से पांच अन्य आरोपितों को गिरफ्तार किया। सभी आरोपित एन्क्रिप्टेड मोबाइल ऐप के माध्यम से सीमा पार बैठे अपने आकाओं के संपर्क में थे और जाली दस्तावेजों पर सिम कार्ड प्राप्त कर सूचनाएं साझा कर रहे थे। फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी है।