नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने गैंगस्टरों और संगठित अपराध पर कड़ा प्रहार करते हुए विशेष अभियान ‘ऑपरेशन गैंग बस्ट’ चलाया है। इस वर्ष का यह पहला बड़ा अभियान शुक्रवार रात आठ बजे से रविवार रात आठ बजे तक चला, जिसमें दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में 4299 ठिकानों पर छापेमारी की गई।
अभियान में बाहरी जिला, रोहिणी और द्वारका जिले की पुलिस टीमों के अलावा क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल के नौ हजार पुलिसकर्मी तैनात रहे। इस दौरान कुल 854 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें कपिल सांगवान, हाशिम बाबा, गोल्डी बराड़ जैसे प्रमुख गिरोहों के 280 गैंगस्टर शामिल हैं।
कार्रवाई के दौरान 6494 लोगों को हिरासत में लिया गया और 690 नए आपराधिक मामले दर्ज किए गए। पुलिस ने 300 हथियार, 25 लाख रुपये नकद, 117 मोबाइल फोन, 28 हजार लीटर अवैध शराब और 118 किलो नारकोटिक्स बरामद किए।
‘ऑपरेशन प्रहार’ में बाहरी जिले ने 143 अपराधियों को किया गिरफ्तार
इसके साथ ही बाहरी जिला पुलिस ने संगठित अपराध पर अंकुश लगाने के लिए अलग से ‘ऑपरेशन प्रहार’ चलाया। दो दिन तक चले इस अभियान में 143 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके खिलाफ 97 आपराधिक मामले दर्ज किए गए।
बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 13 हजार से अधिक शराब के क्वार्टर, चार पिस्टल, तीन कारतूस, 14 चाकू, 1.39 लाख रुपये नकद, 12 किलो से अधिक गांजा, 21.18 ग्राम स्मैक और 39 ब्यूप्रेनोरफिन टैबलेट बरामद की गईं।
ये दोनों अभियान दिल्ली पुलिस की ओर से गैंगस्टरों और संगठित अपराध के खिलाफ चलाई जा रही सतत कार्रवाई का हिस्सा हैं, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी में अपराध की जड़ों को समाप्त करना है।