रायपुर। शराब घोटाले में गिरफ्तार सौम्या चौरसिया के मामले में न्यायालय में दोनों पक्षों की बहस पूरी हो गई है। मामले में अब कोर्ट के आदेश का इंतजार किया जा रहा है।
बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता हर्षवर्धन परघनिया ने गिरफ्तारी और पूरी कार्रवाई को अवैध बताया। उन्होंने दलील दी कि पप्पू बंसल, केके श्रीवास्तव और निखिल चंद्राकर के सेक्शन 15 के बयानों के आधार पर ही सौम्या चौरसिया की गिरफ्तारी की गई, जबकि जांच बिना किसी मजिस्ट्रेट की अनुमति के की गई है, जो कानूनन गलत है।
बचाव पक्ष ने कहा कि यह पूरी कार्यवाही अवैध है और माननीय न्यायालय के समक्ष इसी आधार पर आपत्ति दर्ज की गई है। अधिवक्ता ने यह भी तर्क रखा कि कोयल की डायरी में पहले जो कहानी बताई गई थी, आज उसी डायरी के आधार पर अलग कहानी प्रस्तुत की जा रही है। डायरी वही है, लेकिन उसमें दर्शाई गई राशि बदल दी गई है।
प्रवर्तन एजेंसी की ओर से सौम्या चौरसिया की तीन दिन की रिमांड मांगी गई है, जिस पर न्यायालय का आदेश आना अभी बाकी है।