मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में डैम से बरामद हुई पत्थर से बंधी लाश के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि युवक की हत्या नहीं हुई थी, बल्कि जंगली जानवरों के शिकार के लिए बिछाए गए करंट की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई थी। इस राज को छिपाने के लिए दोस्तों ने शव को पत्थर से बांधकर डैम में फेंक दिया।
मृतक की पहचान कपिल के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक कपिल को कंबल में लपेटकर जीआई तार और पत्थर के सहारे बांधुआ डैम में फेंका गया था। बदुआ डैम से शव मिलने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी।
करंट से मौत, फिर रची गई खौफनाक साजिश
पुलिस जांच में पता चला है कि 30 जनवरी को जंगली जानवरों के शिकार के लिए खेत में बिछाए गए करंट की चपेट में आने से कपिल की मौत हो गई थी। हादसे के बाद आरोपियों ने इसकी जानकारी देने के बजाय शव को एक दिन तक खेत में छिपाकर रखा।
31 जनवरी को शव को कंबल में लपेटा गया, पत्थर से बांधा गया और बदुआ डैम में फेंक दिया गया, ताकि मामला दुर्घटना या हत्या जैसा न लगे।
गुमशुदगी से खुला राज
1 फरवरी को परिजनों ने कपिल की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके चार दिन बाद पुलिस और गोताखोरों की मदद से डैम से शव बरामद किया गया। शव की हालत देखकर पुलिस को संदेह हुआ और जांच आगे बढ़ाई गई, जिसके बाद पूरा घटनाक्रम सामने आया।
पांच लोगों पर केस, तलाश जारी
थाना कुंडम पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। मामले में मर्ग कायम कर विस्तृत जांच की जा रही है।
एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि यह मामला जबलपुर जिले के थाना कुंडम क्षेत्र स्थित बदुआ डैम का है और सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।